कटहलनाला: पापियों का पाप धोते-धोते, राम तेरी गंगा मैली हो...
पापियों का पाप धोते धोते, राम तेरी गंगा मैली हो गयी। लेकिन गंगा कों सुरक्षित रखने के लिए गठित बोर्ड आँख बंद करके सो गयी। कटहल नाला के साथ यह पंक्तिया बखूबी चरितार्थ हो रही हैं। एक तरफ प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के पहल पर शहर के बीचो-बीच से होकर गुजरने वाला कटहल नाला कों सुधारने की क़वायद भूमिपूजन के बाद शुरू हो गया है। लेकिन उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों के उदासीनता के चलते आज भी लोगों के शौचालयों का मल मूत्र कटहल नाले में बहाया जा रहा है। जो अप्रत्यक्ष रूप से गंगा कों भी मैला कर रहा है। ऐसे में एनजीटी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के मानकों को भी खुले तौर पर ठेंगा दिखाया जा रहा है। यही नहीं इस प्रकरण में समाचार बैंक की खबर का संज्ञान लेते हुए एनजीटी नगर पालिका परिषद पर करोड़ों रूपये का जुर्माना भी ठोंका था।