कृष्ण-सुदामा के भावुक मिलन की मनमोहक प्रस्तुति देख श्रोताओ को आंखों से छलके आंसू
कृष्णा और सुदामा के मिलन की कथा स्टेशन मालगोदाम रोड पर स्थित शिव साइन मंदिर के निकट चल रहे भागवत कथा में जीवंत हो गई। कृष्ण- और सुदामा के मिलन का मार्मिक मंचन देख श्रद्धालुओं के आखों से आंसू छलकने लगे। कथामर्मज्ञ पंडित कन्हैया पाण्डेय ने श्रीमद्भागवत कथा के अन्तिम सातवें दिन कृष्ण और सुदामा के मिलन की कथा सुनाया। कथा में श्रीकृष्ण सुदामा से कैसे गले मिले, उन्हें पैरों को धोए, पैरों से कांटे निकाले, सुदामा की पोटली से मिले अन्न को दो मुट्ठी खाए, तीसरे बार खाने जा रहे थे तभी रुक्मिणी ने प्रभु का हाथ रोक लिया।