वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद दुबे से सफलता और संघर्ष पर विशेष चर्चा, युवाओं के लिए बेहद लाभकारी…
संघर्ष जीवन की एक कसौटी है जो अंत में विजय का द्वार खोलती है और समस्या का समाधान करती है। संघर्ष का जीवन जीना है तो भूल को भूलना सीखना होगा। प्रतिशोध के कटु परिणाम ही आते हैं। इसलिए क्षमा सहज-सरल जीवनशैली का मूल मंत्र है। यह बातें बलिया के वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद कुमार दुबे ने बातचीत के दौरान बतायी.