वसूली कांड: संरक्षक व असली आरोपी जांच परिधि से बाहर: अम्बिका चौधरी
नरही वसूली कांड का पुलिस प्रशासन के बड़े अधिकारियों द्वारा छापेमारी कर इतना हो हल्ला मचाया गया। मानों पुलिस विभाग से भ्रष्टाचार समाप्त हो जायेगा और हर दोषी के खिलाफ सख्त कार्यवाही कि जाएगी. लेकिन छापेमारी के दिन और उसके तत्काल बाद आरोपी थानेदार और कुछ पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करने के अलावा जिन छोटे- छोटे गरीब श्रमिकों को गिरफ्तार किया गया। उन्हें ऐसे पेश किया गया जैसे वे ही असली अपराधी वही हैं। जबकि असली अपराधी जो इस लूट के संरक्षक थे। जांच और कार्यवाही की परिधि से बाहर हैं। जबतक इस कांड में शामिल बड़ी मछलियों पर कार्यवाही नहीं होगी। तब तक ऐसी लूट की पुनरावृत्ति रोकना सम्भव नहीं है।