बलिया। पकड़ी थाना क्षेत्र में एक 11वीं की छात्रा को तीन युवकों द्वारा मारपीट कर सुखी नहर में फेंकने फेकने की घटना फर्जी नक़ली। पुलिस ने पीड़ित छात्रा के बयान को न्यायालय के समक्ष अंकित करावा दी है। मारपीट कर छात्रा को घायल करने की घटना के संज्ञान में आते ही पुलिस अधीक्षक विक्रान्त वीर ने इसे गंभीरता से लेते हुए थाना पकड़ी सहित सर्विलांस टीम, स्वाट टीम, सोशल मीडिया सेल सहित तीन टीमें सीओ सिकन्दरपुर के नेतृत्व में गठित किया था.
घटना के बाद दस दिन तक छात्रा ने बलिया पुलिस को खूब थकाया है. जांच के बाद खुलासे के लिए लगायी गयी टीमों कि रिपोर्ट व पीड़िता के बयां के बाद पुलिस का सर भी घूम गया. इस घटना के खुलासे से परिजनों कि भी फ़जीहत तय है.
बताते चलें कि 12 सितम्बर 2024 को थाना पकड़ी पर एक 11वीं छात्रा को मारपीट कर नहर में धकेल देने की सूचना पर छात्रा के पिता के तहरीर के आधार पर तत्काल मुकदमा पंजीकृत किया गया था। मुख्य आरोपी कें गिरफ्तारी हेतु पुलिस ने पीड़िता के अनुसार स्केच भी जारी किया गया था और 25 हजार रूपये का इनाम घोषित किया था। इसके लिये तीन टीमें गठित की गयी थी.
अभियोग में साक्ष्य संकलन की कार्यवाही में यह प्रकाश में आया कि 11वीं की छात्रा (पीड़िता) के साथ ऐसी कोई घटना घटित ही नही हुई थी. पीड़िता व उसके परिवारीजन द्वारा स्वयं इस बात को स्वीकार किया गया है. पीड़िता द्वारा स्वयं अपने निजी कारणों से घटना की मनगढ़ंत कहानी बनायी गयी थी. पीड़िता के शरीर पर आयी चोटें भी पीड़िता द्वारा स्वयं ही कारित की गयी थी.
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