पढ़ाई के खर्च के लिए खून बेचने को मजबूर छात्र! यूपी में शिक्षा की महंगी कीमत ने बढ़ाई चिंता
विभिन्न प्रकार के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की मुश्किलें अब एक गंभीर सामाजिक चिंता के रूप में सामने आ रही हैं।
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विभिन्न प्रकार के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की मुश्किलें अब एक गंभीर सामाजिक चिंता के रूप में सामने आ रही हैं।
बंगाल की खाड़ी से सक्रिय मौसम प्रणाली का असर देश के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिणी अंदरूनी ओडिशा के ऊपर बना डिप्रेशन उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा म
व्यापारियों से जुड़े UPI लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क अथवा कर लगाए जाने के प्रस्ताव के विरोध में व्यापारी संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
1942 के ‘बलिया बलिदान दिवस’ और देश की आजादी के संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बलिया, मिदनापुर और सतारा की क्रांतिकारी विरासत को सामने लाने के उद्देश्य से विकसित यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों के लिए इतिहास
लंबे इंतजार के बाद महर्षि भृगु मंदिर कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में रविवार को बड़ा कदम उठाया गया। संत-महात्माओं की मौजूदगी और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कॉरिडोर का भूमिपूजन किया गया.
भारतीय चिंतन में श्रद्धा विज्ञान का विषय रहा जिज्ञासा इसका मूल है। जानना और जानते रहना सदा की प्रकृति है, तर्क इसका आधार है और सिद्धि इसकी परिणति। राम कथा में स्त्री का चरित्र श्रद्धा को पुष्ट करता है। सती का शिव के समस्...
दृष्टिकोण में साम्य, भावनात्मक साम्य और व्यवहार में साम्य सम्भव नहीं है। विचारों में विविधता और हर विचार का आदर नये-नये विचारों का उदित होना, वैचारिक साम्य और असाम्य समर्थन या प्रतिरोध निरन्तर प्रक्रिया है। महान वैज्ञानि...
आज गांधी जी की पुण्यतिथि है। 30 जनवरी 1948 को महात्मा गाँधी के नाम से विश्वविख्यात मोहनदास करम चन्द गांधी की दिल्ली के बिड़ला भवन प्रार्थना स्थल पर हत्या कर दी गई। भारत के इतिहास का एक अध्याय शेष हो गया। इस अध्याय का आर...
इस वर्ष नई दिल्ली का गणतंत्र समारोह नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 126वें जन्म वर्ष से ही आरंभ हो रहा है। नेताजी को अपने गणतांत्रिक प्रारूप में याद करना अपने में ही एक बड़ी बात है। सुभाष बाबू का जीवन बहुत लंबा नहीं था। किंतु...
बहुत से विचारक, जब साम्यवाद की समीक्षा करते हैं तो यह पाते हैं यह लगभग पूरे विश्व में अपनी जड़े खो चुका है। किंतु आज भी हर शहर, संगठन में साम्यवाद की वकालत करने वाला कोई ना कोई मिल ही जाता है, तथा वह अपने मनगढ़ंत तथ्यों क...
गतांक से आगे...80 के दशक में देश की राजनीति में पृथकतावादी तत्व जड़ जमाने लगा। पूर्वी पाकिस्तान के बंगला देश में परिवर्तित हो जाने से भारत का स्थाई विरोधी पाकिस्तान का रुष्ट होना स्वभाविक था। अमेरिका को भारत की राजनीति म...
हम जानते हैं कि हमारी पृथ्वी सूर्य का एक चक्र 365-1/3 दिनों में पूरा करती है। नारँगी के आकार वाली इस पृथ्वी के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव के मध्य भूमध्य रेखा 0° (शून्म डिग्री) पर मानी जाती है। प्रति वर्ष 14 जुलाई को पृथ्वी...