अर्नब चक्रवात का तेज़ असर 
बारिश-तेज हवा से बढ़ी किसानों की चिंता, धान की खड़ी फसल को खतरा
यूपी में फिर भारी बारिश का अलर्ट, नदियों के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी चिंता
मौसम ने बदला मिजाज, यूपी में मूसलाधार बारिश; किसानों की बढ़ी धड़कन
बलिया। बंगाल की खाड़ी से सक्रिय मौसम प्रणाली का असर देश के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिणी अंदरूनी ओडिशा के ऊपर बना डिप्रेशन उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है।

उत्तर प्रदेश में आज भी बेहद भारी बारिश का अलर्ट
IMD ने 26 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 27 सितंबर को भी पूर्वी यूपी में भारी और पश्चिमी यूपी में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। साथ ही गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी है।

लगातार बारिश से नदियों और निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने और फसलों के प्रभावित होने की चिंता भी बढ़ गई है।

धान की फसल पर संकट

बारिश का सबसे ज्यादा असर उन किसानों पर पड़ने की आशंका है जिनकी धान की फसल पककर कटाई के अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। तेज हवा और लगातार बारिश से खेतों में खड़ी फसल के गिरने, दाने की गुणवत्ता प्रभावित होने और कटाई में देरी की स्थिति बन सकती है।

मौसम विभाग ने अलग-अलग क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। ऐसे में किसानों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन व कृषि विभाग की सलाह के अनुसार फसल संबंधी निर्णय लेने की जरूरत है।

फिलहाल मौसम का यह दौर किसानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। अगले 24 से 48 घंटे उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।