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Tuesday, August 4, 2026

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आगे ही नही पीछे भी

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बलिया National

आगे ही नहीं पीछे भी... शंकराचार्य का विज्ञान

जैन धर्म के प्रवर्तक ऋषभ देव थे जो गौतमबुद्ध से लगभग डेढ़ हाजर वर्ष पूर्व पैदा हुए होंगे। महावीर स्वामी इस परम्परा के तेइसवें तीर्थकर रहे। यह धर्म भारत के परम्परागत धर्म से बहुत अलग नहीं था। परम्परागत विचारधारा के अनुसार...

12 Nov 2021 6 min read
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आगे ही नहीं पीछे भी... बहँगी छठी माई के जाय

छठ महापर्व व्यवहारिक रूप से एक लोकपर्व है। पृथ्वी सूर्य मण्डल का एक ग्रह है जिस पर सूर्य की बहुमुखी कृपा बनी रहती है। सूर्यमण्डल के अन्य ग्रहों पर यहीं विविधता पूर्ण ईतना विकास नहीं हुआ है जितना की पृथ्वी लोक पर। सूर्य प...

10 Nov 2021 5 min read
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आगे ही नहीं पीछे भी... अंधेरे में सूर्य...

सूर्य के प्रति सम्मान प्रगट करने के लिए ऋग्वेद में कई ऋचाएं है। प्रसिद्ध गायत्री मंत्र भी इसका प्रमाण है। सूर्य अपने मंडल (नक्षत्र परिवार) का केंद्र है। पृथ्वी भी इस परिवार का एक अंग है। प्रकाश, ऊर्जा और ऊष्मा के अतिरिक्...

09 Nov 2021 6 min read
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नोटबन्दी का सच: कितना कारगर साबित हुआ नोटबन्दी का फैसला

आज ही के दिन पाँच साल पहले भारत सरकार ने शाम को आठ बजे अचानक एक हजार रुपये और पांच सौ रुपये के करेन्सी नोटबंदी की घोषणा कर दिये। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस कदम से यह उम्मीद जताई कि इससे अर्थव्यवस्था में जो काला-धन...

08 Nov 2021 4 min read
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आगे हीं नहीं पीछे भी... शंकराचार्य का झूठ

वेदों और उपनिषदों में प्रकृति अर्थात् भौतिक जगत, आत्मा अर्थात् विभिन्न नाम रूपों में जीवन को धारण करने वाला और सम्पूर्ण में चेतन स्वरूप में विद्यमान ब्रह्म तत्व को अनादि और अनन्त माना गया है। इनमें प्रकृति, जड़ और शेष दोन...

06 Nov 2021 5 min read
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आगे ही नहीं पीछे भी... शंकराचार्य का सच

लगभग तीन हजार वर्ष पहले महावीर जैन का और ढाई हजार पहले गौतम बुद्ध के विचार प्रचलित हुए। दोनों ने सनातन, वैदिक और पौराणिक विश्वास परम्पराओ के समानान्तर अपने सिद्धान्त प्रतिपादित किये, जिन्हे जैन धर्म और बौद्ध धर्म कहा जान...

05 Nov 2021 4 min read
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आगे ही नही पीछे भी... न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)

न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लागू किये जाने से पहले अनाज का सरकारी खरीद मूल्य, प्रोक्योरमेण्ट प्राइस (लेबी) निर्धारित हुआ करता था। देश की आजादी के समय अनाज की बहुत किल्लत थी जिसकी एक वजह दूसरा विश्वयुद्ध भी था। देश में सूख...

03 Nov 2021 5 min read