वाराणसी के काशी विश्वनाथ की तर्ज पर बलिया के भृगु नगरी में बनेगा कारिडोर 

संतों की मौजूदगी में हुआ वैदिक अनुष्ठान, पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने परिवहन मंत्री को दी बधाई

बलिया। लंबे इंतजार के बाद महर्षि भृगु मंदिर कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में रविवार को बड़ा कदम उठाया गया। संत-महात्माओं की मौजूदगी और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कॉरिडोर का भूमिपूजन संपन्न हुआ। इस दौरान मंदिर परिसर धार्मिक जयघोष से गूंज उठा।
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भूमिपूजन कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह को कॉरिडोर के भूमिपूजन पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने परियोजना को बलिया की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।

भूमिपूजन के साथ श्रद्धालुओं में कॉरिडोर के निर्माण कार्य को लेकर उत्साह बढ़ा है। महर्षि भृगु की तपोभूमि को भव्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा
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है। सूत्रों की माने तो वाराणसी के काशी विश्वनाथ की तर्ज पर बलिया के भृगु नगरी में भव्य कारिडोर बनेगा.

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद भृगु कॉरिडोर का सपना अब कागजों से निकलकर जमीन पर आ गया है। कहा कि बलिया की पहचान भृगु बाबा की धरती के रूप में है। कॉरिडोर बनने के बाद भृगु मंदिर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में काम होगा। यह परियोजना सिर्फ मंदिर के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि बलिया की आस्था, संस्कृति और धार्मिक विरासत को नई पहचान देने का प्रयास है। परियोजना के पहले चरण के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जबकि मंदिर के संपूर्ण निर्माण और विकास पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है। इस मौके पर पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, पूर्व सांसद भरत सिंह, पूर्व मंत्री राजधारी सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार, स्वामी हरिहरानंद, बड़ी मठिया के रामूदार दास, गायत्री शक्तिपीठ के विजेंद्र चौबे, भृगु मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष शिवकुमार मिश्र, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जनार्दन राय, इतिहासकार डॉ. शिवकुमार सिंह कौशिकेय समेत बड़ी संख्या में संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।