परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद भृगु कॉरिडोर का सपना अब कागजों से निकलकर जमीन पर आ गया है। कहा कि बलिया की पहचान भृगु बाबा की धरती के रूप में है। कॉरिडोर बनने के बाद भृगु मंदिर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में काम होगा। यह परियोजना सिर्फ मंदिर के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि बलिया की आस्था, संस्कृति और धार्मिक विरासत को नई पहचान देने का प्रयास है। परियोजना के पहले चरण के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जबकि मंदिर के संपूर्ण निर्माण और विकास पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है। इस मौके पर पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, पूर्व सांसद भरत सिंह, पूर्व मंत्री राजधारी सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार, स्वामी हरिहरानंद, बड़ी मठिया के रामूदार दास, गायत्री शक्तिपीठ के विजेंद्र चौबे, भृगु मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष शिवकुमार मिश्र, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जनार्दन राय, इतिहासकार डॉ. शिवकुमार सिंह कौशिकेय समेत बड़ी संख्या में संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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