विधि संवाददाता

बलिया: जिला कारागार बलिया से गैर जनपद मऊ आजमगढ़ अंबेडकर नगर आदि गैर जनपदों में यहां के चाहे वह गिरफ्तार कैदी हो या सजायफ्ता हो चंद्र दिनों पूर्व सुविधा अनुसार शिफ्ट कराए गए हैं. कुछ कैदियों की कोर्ट में पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो जाता है व कुछ का अर्जेंट में पेशी होता है. कैदियों से मिलने वाले परिवार जनों को काफी मशक्कत करना पड़ता है और दर-दर की ठोकरे भी खानी पड़ रही है वैसे रसूखदार किस्म के कैदियों के लिए तो शायद कोई दिक्कत नहीं है. लेकिन जो गरीब किस्म के कैदी हैं उनके परिवारजन काफी जलालत झेल रहे हैं, ऐसे में वे लोग विलेज बैरिस्टर के हाथों उनका काफी शोषण होता है. जो प्रत्येक गांवों में उपलब्ध रहते हैं तथा उनका एक सूत्रीय कार्यक्रम मात्रा दलाली के माध्यम से घर धन अर्जित करना होता ह.

मंगलवार को कैदी को मऊ जेल से पेश कराने के लिए लाया जाना था. किसी कारण कैदी को जिला मुख्यालय लाने में थोड़ी सी विलंब हो गई जिसके चलते नाराज जिला जज ने दरोगा को जमकर फटकार लगाई उन्होंने कहा कि एक कैदी की वजह से कई कैदियों का समय व्यर्थ नुकसान हो रहा है. कैदी पेश होने होने पर डीजे ने दरोगा को लगाई फटकार कैदी को देर से लाना उस समय महंगा पड़ा जब जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित पाल सिंह ने मऊ से लाए दरोगा को फटकार सुनाई‌ तो माफी भी मांगनी पड़ी इसके उपरांत जिला जज ने समय प्रबंधन को याद दिलाते हुए कहा कि कैदियों को समय से लाया जाए जिससे कि अदालती कार्यों में कोई व्यवधान पैदा ना हो।
त्रिभुवन नाथ यादव एडवोकेट