विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट ने अर्थ दंड की धनराशि में से 20 हजार रूपये पीड़िता को दिलाने का दिया आदेश
विधि संवाददाता
बलिया लगभग साढ़े तीन वर्षों पूर्व सातवीं कक्षा के नाबालिक के साथ जबरिया दुराचार करने के एक मामले में सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश कोर्ट संख्या आठ प्रथम कांत की न्यायालय ने अभियुक्त छोटू सिंह सुजायत चितबड़ागांव पर दोष सिद्ध करार करते हुए 25 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है तथा ₹50000 जुर्माना भी लगाई है जुर्माने की धनराशि अदा नहीं करने पर 6 मास की अतिरिक्त सजा भुगतान पड़ेगी साथ ही न्यायालय ने आदेश दी है की उक्त धनराशि में से पीड़िता को ₹20000 क्षतिपूर्ति के रूप में दिलाया जाय।
अभियोजन के मुताबिक यह घटना चितबड़ागांव थाना अंतर्गत एक गांव में 4 सितंबर 21 को समय करीब 9:00 बजे सुबह में घटित हुआ था वादिनी के नाबालिक पुत्री को अभियुक्त ने घास काटते समय जबरीयन उठा लिया और उसके मर्जी के विपरीत उसके साथ बलात्कार किया और जान मारने की धमकी देते हुए उसे छोड़कर भाग गया जब पीड़िता घर पहुंची तो आप बीती अपनी मां से बताई इसके बाद वादिनी के तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत हुआ जांचों परान्त विवेचक ने 9 अक्टूबर 21 को चार्ज-शीट न्यायालय में भेज दिया इसी क्रम में अभियोजन पक्ष से विशेष अभियोजक राकेश पांडे ने पीड़िता, पीड़िता की मां, महिला चिकित्सक समेत अन्य गवाहों को परीक्षित कराया और बचाव पक्ष ने भी अपना तर्क न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया अंत में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट ने समस्त पत्रावली के परिशीलन के उपरांत फैसला सुनाई है।
त्रिभुवन नाथ यादव एडवोकेट