बलिया। जोगिया के दर्शन जाइब हो रामा गंगा के तीरे … बलियाग कार्तिक कल्पवास शिविर में विख्यात राग-रागिनी साधक देवाशीष डे ने जब भृगुक्षेत्र के कल्पवास महात्म्य से जुड़ी इस ठुमरी को छेड़ा तो भक्तों की हृदय तंत्रिकाओं ने नाचना शुरू कर दिया।
देवाशीष डे ने सपने गायन का शुभारंभ राग केदार से भगवान विष्णु की आराधना से किया देवोत्थान एकादशी पर श्रीहरि विष्णु के वक्ष पर पद प्रहार करने वाले महर्षि भृगु की पापमोचन भूमि पर इस प्रस्तुति ने सभी को आह्लादित कर दिया। जिसपर सभी झूमने पर विवश हो गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर वैदिक प्रभात फाउंडेशन के संस्थापक बद्री विशाल जी महाराज ने किया।
इनके साथ तबला पर पंडित किशोर कुमार, महाभारत सीरियल के संगीत सहायक पंडित सुखदेव मिश्र ने वायलिन पर और हारमोनियम पर धनंजय सिंह ने संगत किया तथा गोरखपुर विश्वविद्यालय सहायक प्रोफेसर शुभांकर डे ने सहगायन किया।
आभार शिवकुमार सिंह कौशिकेय ने व्यक्त किया।

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