
खिचड़ी कार्यक्रम में गये युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी मौत
बलिया। खिचड़ी कार्यक्रम में गये युवक की मौत के मामले में विक्की का कातिल कोई और नहीं, उसका दोस्त मंजय गोंड़ ही निकला। रेवती पुलिस ने घटना के 24 घंटे के अंदर ही हत्यारोपी को आलाकत्ल के साथ दबोचकर जेल भेज दिया। पुलिस के इस खुलासे की चहुंओर चर्चा चलती रही। पुलिस के मुताबिक, घटना को दुर्घटना साबित करने के लिए मंजय ने अपनी बाइक की हेडलाइट भी तोड़ दी थी। लेकिन पीएम रिपोर्ट में धारदार हथियार से हत्या पुष्टि होते ही पुलिस धारा 302 आइपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच में जुट गई। नतीजतन कातिल सलाखों के पीछे पहुंच गया।
बता दें कि रविवार की सुबह त्रिकालपुर में कुछ महिलाओं ने विक्की राय को घायलावस्था में देखकर शोर मचाया। आस-पास के लोगों ने घायल को निजी एंबुलेंस से सीएचसी रेवती पहुंचाया, जहां उसने दम तोड़ दिया। सीएचसी रेवती पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से एंबुलेंस व युवकों की पहचान के बाद पुलिस कातिल तक पहुंच गई। पुलिस के मुताबिक विक्की और मंजय के बीच गहरी दोस्ती थी। विक्की मंजय के घर आता-जाता था। वह उसकी पत्नी के साथ हंसी-मजाक भी करता था। मंजय ने शक होने पर विक्की को घर आने से मना भी किया था। पुलिस के अनुसार शनिवार की रात खिचड़ी भोज के बाद दोनों ने गुदरी बाजार में शराब पी। फिर मंजय अपनी बाइक से विक्की को लेकर सहतवार की तरफ चला गया। सहतवार थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव जाने वाले संपर्क मार्ग के पास दोनों ने फिर शराब पी। वहीं, मंजय ने विक्की के सिर पर दाव से प्रहार कर दिया। वह भागने न पाए, इसलिए घुटने पर भी वार किया और मृत समझकर फरार हो गया। पुलिस ने मंगलवार की सुबह बाइक की मरम्मत कराकर सहतवार से पचरूखा गांव में जाते वक्त मंजय को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर घटना स्थल के समीप से पुलिस ने हथियार भी बरामद कर लिया।गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में एसएचओ रामायण सिंह, एसआई अमित सिंह, अजय यादव, कां. राघवेन्द्र वर्मा, आदित्य नाथ, अमन यादव व ओमप्रकाश शामिल रहे।