बलिया। जिलाधिकारी कार्यालय पर अखिल भारतीय विरोध दिवस के अवसर पर विभिन्न केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र फेडरेशनों के सदस्यों ने किसान संगठन के साथ एकजुट होकर प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन देश में हाल ही में लागू की गई चार श्रम संहिताओं के विरोध में किया गया था, जिसे मजदूरों और कर्मचारियों के हितों के खिलाफ बताया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मजदूरों, कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर नारेबाजी करते हुए जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय तक मार्च किया। इस दौरान उन्होंने सरकार से इन श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष साथी नरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि ये श्रम संहिताएं मजदूरों को बंधुआ बनाने का प्रयास हैं और इनसे उनके अधिकारों का हनन होगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ बातचीत कर इन संहिताओं में आवश्यक संशोधन करे।
प्रदर्शन के बाद एक ज्ञापन जिला मजिस्ट्रेट को सौंपा गया, जिसमें मांग की गई है कि सरकार जल्द से जल्द इन श्रम संहिताओं को वापस ले और मजदूरों के हितों की रक्षा करे।
आंदोलन की अगली रूपरेखा जल्द ही घोषित की जाएगी।