
बलिया। साल भर ऑनलाइन पढ़ाई के बाद अब परीक्षा की घड़ी आई है। सीबीएसई बोर्ड से संचालित अधिकतर स्कूलों की परीक्षा नवंबर माह के तीसरे सप्ताह से होने जा रही है। कक्षा एक से 11वीं तक के बच्चों के लिए ऑफलाइन परीक्षा के लिए विकल्प दिए हैं। ऐसे में इन कक्षाओं छात्र और अभिभावक दोनों परेशान हैं। अभिभावकों को कोरोना संक्रमण फैलने का भय है तो छात्र साल भर ऑनलाइन पढ़ाई के एवज में ऑनलाइन परीक्षा ही चाह रहे हैं। इसके पीछे अभिभावकों का यह तर्क है कि जब वैक्सीन का डोज बच्चों को लगाया ही नहीं गया है तो फिर ऑफलाइन परीक्षा कैसे करायी जा सकती है।
अभिभावकों और छात्रों ने स्कूल की मेल पर आनलाइन परीक्षा कराने के लिए पत्र भी भेजे। जिसमें उन्होंने अपनी परेशानियों को भी साझा किया। इसके अलावा कई छात्रों और अभिभावकों ने विद्यालय के प्रधानाचार्य को फोन कर भी आनलाइन परीक्षा कराने को कहा है। हालांकि इस मुद्दे पर शासन व प्रशासन का रुख स्पष्ट नहीं है।
अभिभावकों की अनुमति नहीं तो ऑफलाइन परीक्षा कैसे :
शासन के निर्देश है कि विद्यालय आने से पहले अभिभावकों को सहमति पत्र देना होगा। ऐसे में जो अभिभावक आफलाइन परीक्षा कराने के पक्ष में नहीं है। उनके बच्चों का क्या होगा। उन्हें मजबूरी में स्कूल जाना होगा या छात्र की वह साल बर्बाद होगी। स्कूलों में पढ़ाई के लिए शासनादेश में साफ आदेश है कि विद्यालय आने से पहले बच्चों को अभिभावकों की बिना अनुमति जरूरी है। ऐसे में स्कूल में परीक्षा ठीक नहीं है।
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