किसानों पर थार चलाकर रौंदने का, बेहताशा महंगाई का,कोरोना काल मे नदियों में तैरती लाशों ने तय कर दिया भाजपा का सफ़रनामा
बलिया। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ल की बलिया विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक जमीन पूरी तरह खिसक गई है। जिससे वह विक्षिप्त हो गए हैं और अनाप शनाप बोल कर महर्षि भृगु की तपोभूमि के सामाजिक सद्भाव में साम्प्रदायिक विष घोलने का प्रयास कर रहे हैं। जिसका उन्हें कोई फायदा नहीं मिलने वाला है। यह बातें समाजवादी पार्टी के जिला प्रवक्ता सुशील पाण्डेय"कान्हजी"ने शनिवार को जारी अपने एक बयान में कहा है। उन्होंने कहा कि राज्यमंत्री को सबसे पहले किसी अच्छे मनोचिकित्सक से सलाह की आवश्यकता है।
पार्टी प्रवक्ता कान्हजी ने राज्यमंत्री द्वारा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर दिए गए बयान के संबंध में कहा कि बलिया सहित पूरे प्रदेश में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की विकासवादी सोच और उनके मुख्यमंत्रित्व काल में कराए गए जनहित के कार्यों के कारण समाजवादी पार्टी के पक्ष में लहर है। जिससे सत्ताधारी दल के मंत्री और विधायक विचलित हो गए हैं। जिसके चलते वे बेसिरपैर की बातें बोल रहे हैं। लेकिन प्रदेश की जनता सब जान चुकी है और इन लोगों का नोटिस नहीं ले रही है। जनता को इंतजार है तो सिर्फ 2022 में होने वाले विधानसभा के आम चुनाव का। जिसमे हिसाब चुकता होगा। कहा कि लखीमपुर में किसानों पर थार चला कर रौंदने का, बेहताशा महंगाई का,कोरोना काल मे नदियों में तैरती लाशों और उस पर से कफन नोचवाने का, असफल नोटवंदी का, बेरोजगारी का, प्रदेश भर में चलाए जा रहे ठोको नीति का, उन्नाव के पीड़ित का, गोरखपुर में व्यापारी के हत्या का, कर्मचारियों के डीए का, झूठ और जुमले का और उसका परिणाम होगा अहंकारी भाजपा का पतन और समाजवादियों की प्रचंड बहुमत की सरकार।