बलिया: योगी सरकार ने बलिया में नरही थाने की वसूली मामले में बड़ा एक्शन लिया है। योगी सरकार ने बलिया एसपी देव रंजन वर्मा और एएसपी दुर्गा प्रसाद तिवारी का ट्रासकर कर उनको वेटिंग लिस्ट में डाल दिया है। इसके अलावा सीओ सदर को निलंबित कर दिया है। साथ ही सीओ, नरही थानाध्यक्ष और कोरंटाडीह पुलिस चौकी इंचार्ज के विरुद्ध उनकी संपत्ति के संबंध में योगी सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं।

डीजीपी के निर्देश पर वाराणसी जोन के एडीजी पीयूष मोर्डिया बुधवार की रात दो बजे नरही थाने के भरौली गोलाम्बर पहुंचे थे। उनके साथ आजमगढ़ के डीआईजी वैभव कृष्ण भी मौजूद थे। दोनों अधिकारी सादी वर्दी में पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने सर्च ऑपरेशन चला दिया। सीनियर अधिकारियों को पहचानते ही हड़कंप मच गया। मौके से तीन पुलिसकर्मियों समेत 20 लोगों को हिरासत में लिया गया था। नरही थाने में सर्च ऑपरेशन के दौरान कई आरोपियों पर कार्रवाई की गई। शराब, पशु तस्करी, लाल बालू की तस्करी समेत लगातार मिल रही कई शिकायतों के आधार पर हुई कार्रवाई के दौरान 50 से अधिक मोबाइल और कई बाइक को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया।

इस दौरान एडीजी ने नरही थानाध्यक्ष का कमरा सील करा दिया था। वह फरार हैं। क्या है पूरा मामला?बलिया के नरही थाने में बड़े पैमाने पर पुलिस के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे थे। इसकी जानकारी सरकार और पुलिस विभाग के आलाधिकारियों को मिली। इसके बाद एडीजी वाराणसी जोन और आजमगढ़ डीआईजी ने छापेमारी कर स्थिति का जायजा लेने का निर्णय लिया था। रिश्वतखोरी के आरोप में घिरे पुलिसकर्मियों को पकड़ने के लिए दोनों अधिकारी नरही थाना क्षेत्र के भरौली गोल चौराहे पहुंचे थे।