तत्कालीन कोतवाल संजय सिंह ने 21जुलाई को किया था गिरफ्तार

न्यायालय ने डॉक्टर व विवेचक के खिलाफ अनुशासनात्मक कारवाई हेतु प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं एस पी को दिया आदेश*

विधि संवाददाता

बलिया: फिरौती के लिए अपहरण एवं जान मारने की धमकी देने के मामले में चौकी इंचार्ज सिविल लाइन/विवेचक की खामियां उस वक्त अभियोजन को भुगतना पड़ा,जब आरोपी को पुलिस द्वारा सदर अस्पताल से सी जे एम शांभवी यादव के कोर्ट में न्यायिक रिमांड हेतु प्रस्तुत किया गया। उभय पक्षों की दलीलें सुनने के पश्चात न्यायालय ने आरोपी दिनेश प्रताप सिंह संकट मोचन कालोनी को न्यायिक रिमांड रिफ्यूज कर दी है तथा डॉ. मनोज कुमार सदर अस्पताल के विरुद्ध अनुशासनात्मक कारवाई हेतु प्रमुख सचिव स्वास्थ सेवाए एवं विवेचक माखन सिंह के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा है।

अदालती सूत्रों के मुताबिक कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रधान डाकघर के पास से 21जुलाई 2024 को लगभग साढ़े 12बजे दिन में फिरौती के लिए अपहरण के एक मामले में आरोपी दिनेश प्रताप सिंह को तत्कालीन एस एच ओ संजय कुमार सिंह ने गिरफ्तार कर लिया जिसमे चौकी इंचार्ज सिविल लाइन माखन सिंह विवेचक नियुक्त हुए और आरोपी को बिना न्यायालय में प्रस्तुत किए हॉस्पिटल में भर्ती करा दिए। 21जुलाई से लेकर 23 जुलाई तक हॉस्पिटल रहे। इसके उपरांत 24 जुलाई 2024 को न्यायिक रिमांड हेतु आरोपी को सी जे एम के न्यायालय में पेश किया और रिमांड की याचना की। जिस पर न्यायालय ने आदेशित की है कि आरोपी का 72घंटे से अधिक वक्त बीत चुका है। जो प्रार्थना पत्र में वर्णित तथ्य विवेचन के आधार पर संतोष जनक नहीं है और रिमांड आवेदन रिफ्यूज करते हुए कोर्ट ने जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.मनोज कुमार व विवेचक उप्र निरीक्षक माखन सिंह के विरुद्ध अनुशासनात्मक कारवाई के लिए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य व एसपी बलिया को आदेशित किया है।

त्रिभुवन नाथ यादव एडवोकेट