नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय माल्देपुर

बलिया में सत्र 2023-24 के वार्षिक परीक्षाफल वितरण का आयोजन नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय माल्देपुर मे किया गया। इस कार्यक्रम मे अव्वल प्रतिभागियों को मेडल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया. इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिशु शिक्षा समिति गोरक्ष प्रांत के मंत्री रामनाथ गुप्त , विशिष्ट अतिथि प्रदेश निरीक्षक राम सिंह उपस्थित रहे। विद्यालय के वार्षिक परीक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त भैया - बहनों को पुरस्कृत किया गया।

इस मौके पर मुख्य अतिथि रामनाथ गुप्त ने कहा कि संस्कार, संस्कृति और भारतीयता का केन्द्र बिन्दु है नागाजी, माल्देपुर. नागाजी विद्या मंदिर में वार्षिक परीक्षाफल कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इसके जरिए देश की भावी पीढ़ी को अपने धर्म व संस्कृति से जुड़ने का मौका मिल रहा है। यह मुहिम आगे भी जारी रहनी चाहिए।

जन्म से लेकर 21 वर्ष तक मुख्य रूप से संस्कारों का निर्माण होता है। इस अवस्था में पड़ी हुई आदतें ही आगे चलकर संस्कार का रूप ले लेती हैं।विशिष्ट अतिथि राम सिंह जी ने कहा कि विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर व्यवहारिक एवं आध्यात्मिक ज्ञान से युक्त होता है। इस ज्ञान से उसके व्यक्तित्व का विकास होता है।

विद्यालय के प्रधानाचार्य शैलेन्द्र त्रिपाठी जी द्वारा कहा गया कि विद्यालय का वार्षिक परीक्षा फल का परिणाम सत प्रतिशत रहा । शिक्षा तथ्यों का अध्ययन नहीं है, बल्कि सोचने के लिए मन का प्रशिक्षण है। शिक्षा एक व्यक्ति को अनगिनत संभावनाओं की ओर आगे बढ़ने की अनुमति देती है। शिक्षा आपको एक पवित्र स्थान पर ले जाने में मदद कर सकती है जहां सब कुछ संभव होता है। शिक्षा आपको स्वयं के सपनों को पकड़ने का सामर्थ्य प्रदान करती है।

विद्या भारती का उद्देश्य ज्ञानवान, संस्कारवान एवं चरित्रवान नागरिकों का निर्माण करना। विद्या भारती का लक्ष्य – व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण है। शिक्षित होने की वजह से ही हम मनुष्य इस पृथ्वी के सभी जीवों में सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं। विद्या, विनय देती है। विनय से पात्रता, पात्रता से धन, धन से धर्म और धर्म से सुख प्राप्त होता है। कोई भी व्यक्ति वह चाहे किसी कुल में पैदा क्यों न हुआ हो, लेकिन विद्या सभी के लिए अनिवार्य है। अपने विद्या भारती के विद्यालयों में अपने दो दशक के अनुभव में, मैंने अपने छात्रों में एक अद्वितीय ज्ञान आधार, एक जीवंत गतिशीलता, अपने आसपास की दुनिया के बारे में एक तीव्र चेतना, एक केंद्रित महत्वाकांक्षा और एक निरंतर प्रतिबद्धता देखी है।

कहा कि मैं एक अनुभवी और प्रतिबद्ध टीम के लिए भी भाग्यशाली हूं, जिसने विद्यालय को उसका वर्तमान कद दिया है। मैं, निःस्वार्थ भाव से कार्य करने वाले अपनी विद्या भारती के, अधिकारियों , कार्यकर्ताओं , प्रबंध समिति और समर्पित शिक्षकों की अपनी टीम के साथ, और इन सभी के सम्यक प्रयास से इस मजबूत नींव को बनाने और सभी क्षेत्रों में मानकों को चरम पर पहुंचाने का विश्वास रखता हूं। मेरा उद्देश्य न केवल एक सक्षम प्रशासक बनना है, बल्कि छात्रों के लिए एक मित्र, शिक्षक,दार्शनिक और मार्गदर्शक बनना भी है, जिस पर वे हर समय भरोसा कर सकें यथा बिना जिझक अपनी बात कह सकें ।इस अवसर पर विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष राम कुमार तिवारी जी, प्रबन्धक संजय कुमार कश्यप जी , नवागत प्रधानाचार्य नागाजी- भोजापुर हरिशंकर दूबे जी उपस्थित रहे। प्रस्ताविकी विद्यालय के परीक्षा प्रमुख उमेश कुमार जी , आभार व्यक्त विद्यालय के आचार्य अरुण मणि जी ने किया और कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य मनोज कुमार अस्थाना, मृत्यंजय शुक्ला और आचार्या बहन नीलम राणा ने किया।