बलिया : अटेवा पेंशन बचाओ मंच के प्रदेश अध्यक्ष विजय बंधु के आवाहन पर प्रदेश के हर जनपद के साथ साथ अटेवा बलिया द्वारा जिला अस्पताल में जिला संयोजक समीर कुमार पांडेय व जिला संगठन मंत्री मलय पांडेय के नेतृत्व मे एक अप्रैल को अपने कार्य स्थल पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज किया। चूंकि उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल 2005 को पुरानी पेंशन बंद कर नई पेंशन व्यवस्था लागू की गई थी यह शिक्षकों, कर्मचारियों व अधिकारियों के साथ बहुत बड़ा आघात था। जिसको लेकर कर्मचारी व शिक्षक आंदोलन कि रह पर हैं.

इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि अवकाश प्राप्ति के बाद मिलने वाली नई पेंशन के परिणाम द्वारा स्पष्ट है कि यह एक काला कानून है। क्योंकि कर्मचारियों को पेंशन(1300, 1700, 2900 ext) मिल रही है जो उनके बुढ़ापे में दवा आदि के लिए भी नाकाफी सिद्ध हो रही है। इस दंश को सफाई कर्मचारी से लेकर आईएएस तक और समाज के निर्माता शिक्षक से लेकर देश की सुरक्षा करने वाले अर्धसैनिक बल सभी झेल रहे हैं। यह पेंशन न तो कर्मचारी के हित में है ना ही सरकार के हित में... इससे कर्मचारी, सरकार व देश सभी का नुकसान हो रहा है। यदि सरकार NPS रद्द कर पुरानी पेंशन बहाल करती है तो इससे कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा के दायरे मे तो आएंगे ही, साथ ही देश व सरकार का अरबों रुपये निजी हांथों में जाने से बच जाएगा और सरकार उससे विभिन्न प्रकार के विकासात्मक कार्य करेगी। जिससे देश तरक्की करेगा और खुशहाली की ओर कदम बढ़ाएगा।

काला दिवस कार्यक्रम में प्राथमिक विद्यालयों में अटेवा ब्लॉक अध्यक्षों की अगुआई में सभी शिक्षकों ने अपने अपने कार्यस्थल पर काला फीता बांधकर कार्य करते हुए अपना प्रतिरोध दर्ज किया। इसके साथ साथ जिले तमाम सामुदायिक केंद्रों, कृषि विभाग, लेखपाल संघ, पीडब्ल्यूडी विभाग, विकाश भवन, सिंचाई विभाग आदि में काला दिवस मनाते हुए कर्मचारियों ने कार्य किया।
कार्यक्रम में मुख्यतः राकेश कुमार मौर्य जिला महामंत्री, विनय राय जिला प्रवक्ता, अखिलेश सिंह उपाध्यक्ष, लाल बहादुर शर्मा उपाध्यक्ष, योगेंद्र नाथ पांडेय, आर बी यादव, अशोक सिंह, राकेश सिंह, पुष्पा जी, सुषमा पांडेय, सुनीता राय, धर्मेंद्र तिवारी, राम निवास यादव, पंकज सिंह, संजय पांडेय, मुकेश सिंह, संजीव सिंह, राजीव गुप्ता, गणेश सिंह, अजय चौबे, मुकेश गुप्ता, सत्य देव जी, अन्नू सिंह, रंजना पांडेय, अजीत सिंह आदि तमाम विभाग के शिक्षक/कर्मचारी साथियों ने काली पट्टी बांध विरोध दर्ज किया।
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