मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह :एडीओ समाज कल्याण सहित 9 लोगों के खिलाफ के दर्ज

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बीते 25 जनवरी को मनियर इंटर कॉलेज में हुआ था सामूहिक विवाह कार्यक्रम
बलिया: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में हाल ही में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में समाज कल्याण विभाग के सहायक विकास अधिकारी एवं आठ लाभार्थियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। बलिया में शादी में फर्जीवाड़े को लेकर एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. ये फर्जीवाड़ा हुआ है 568 जोड़ो की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में.पुलिस ने इसकी जानकारी दी। मामले के मुताबिक गत 25 जनवरी को मनियर इंटर कॉलेज में हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कई ऐसे लोगों की शादी करायी गयी जो पहले से ही शादीशुदा थे।


मनियर थाने के प्रभारी मंतोष सिंह ने बुधवार को बताया कि जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपक श्रीवास्तव की तहरीर पर मंगलवार की रात सहायक विकास अधिकारी सुनील कुमार यादव और आठ लाभार्थियों अर्चना, रंजना यादव, सुमन चौहान, प्रियंका, सोनम, पूजा, संजू और रमिता के विरुद्ध धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने दर्ज प्राथमिकी का हवाला देते हुए बताया कि जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपक श्रीवास्तव ने अपनी तहरीर में कहा है कि मुख्यमंत्री सामुहिक विवाह योजना के तहत मनियर इंटर कॉलेज में गत 25 जनवरी को सामूहिक विवाह सम्पन्न होने के बाद फर्जी वर-वधुओं के विवाह होने का मामला सामने आने पर मुख्य विकास अधिकारी ने 29 जनवरी को मामले की जांच के आदेश दिये थे।सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए जिला कृषि अधिकारी, जिला दिव्यांग जन सशक्तिकरण अधिकारी और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी की एक समिति गठित की गई थी। उन्होंने बताया कि जांच में पाया गया कि मानिकापुर गांव की अर्चना की शादी जून 2023 को ही हो चुकी थी। इसके अलावा रंजना यादव और सुमन चौहान की शादी मार्च 2023 में, प्रियंका की शादी नवम्बर 2023 में, पूजा की शादी एक वर्ष पहले, संजू की शादी तीन वर्ष पहले और रमिता की शादी जुलाई 2023 में ही हो चुकी थी। इसके अलावा सोनम का विवाह अभी तय नहीं है। ये सभी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत पात्र नहीं हैं। उन्होंने बताया कि अपात्र आवेदकों ने वास्तविक तथ्यों को छुपाते हुए योजना के तहत अवैध रूप से लाभ पाने के लिए आवेदन किया था। समाज कल्याण विभाग के सहायक विकास अधिकारी सुनील कुमार यादव ने उन आवेदनों की जांच में लापरवाही की जिससे यह फर्जीवाड़ा हुआ। सिंह ने बताया कि पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही है। जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार ने बताया कि 25 जनवरी को विकास खण्ड मनियर में हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम में लाभार्थियों को अभी तक धनराशि वितरित नहीं की गई है। अभी तक जांच में दोषी पाए गए सहायक विकास अधिकारी और आठ लाभार्थियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है। अन्य जो भी दोषी पाए जायेंगे, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।



बिना दूल्हों के सैकड़ों दुल्हनों की करा दी शादी

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकार 51 हजार रुपये देती है. हर जिले में इसका आयोजन होता है. इसी क्रम में बलिया जिले में 568 जोड़ों की शादी कराई गई थी. लेकिन अब इसमें फर्जीवाड़ा निकलकर सामने आया है. सैकड़ों दुल्हनों की बिना दूल्हों की ही शादी करवा दी गई. कई सारी दुल्हनों ने तो अपने ही हाथों से अपने गले मे वरमाला डाल ली. बुर्के में आई कई मुस्लिम दुल्हनों ने भी अपने हाथ से ही वरमाला डाली.

मनियर में सामूहिक विवाह हुआ था
बलिया डीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि 26 जनवरी 2024 को मनियर में सामूहिक विवाह हुआ था. जिसमें कुछ शिकायते मिली थी. गठित जांच टीम के माध्यम से वह शिकायत सत्य पाई गई है. एडीओ, समाज कल्याण अधिकारी सहित 09 लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर दिया गया है. अन्य दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई तय है.

पैरों तले खिसक जाती है जमीन
जिले के मनियर ब्लॉक में 26 जनवरी 2024 को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह संपन्न कराया जाता है, जिसमें अधिकारियों की मिली भगत से धनराशि की बंदर बांट करने के उद्देश्य से फर्जी दूल्हे और दुल्हन के रूप में नाबालिक लड़कों को बैठाकर केवल कोरम पूरा किया गया. जब यह सच्चाई खुलकर सामने आई तो इसकी  जांच में जिले के आला अधिकारी के निर्देश पर कई टीम गठित की गई. हुआ वही जिसका संदेह था. कई लोग दोषी पाए गए और उन लोगों पर मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया. अब प्रश्न यह उठता है कि  सरकार जनहित में तमाम योजना बनाती है, लेकिन कहीं न कहीं ऐसे अधिकारी सरकार की छवि को धूमिल करने का प्रयास करते हैं.

पूरे प्रकरण पर ये बोले मुख्य विकास अधिकारी

ओजस्वी राज मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि बीते दिनों जिले के मनियर ब्लॉक में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. जिसमें लगभग 468 जोड़ो की शादी हुई थी. कार्यक्रम में चार ब्लॉक के जोड़े शामिल हुए थे. उसके बाद किन्हीं माध्यम से यह जानकारी मिली  कि उसमें कुछ फर्जीवाड़ा किया गया है. सीडीओ ने आगे कहा कि इसकी जानकारी मिलते ही तत्काल इसका संज्ञान लेकर तीन सदस्यों की जांच टीम गठित की गई. जिसकी  रिपोर्ट भी मिल गयी  है. आज उसकी गति बढ़ाने के लिए 20 अधिकारियों को सभी आवेदकों के घर-घर जाकर सत्यापन की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. पहले रिपोर्ट के अनुसार सत्यापन अधिकारी और दोषी जोड़े के खिलाफ कठोर  कार्रवाई  की जा रही है.

अधिकारियों समेत 9 लोगों खिलाफ मुकदमा 
बलिया जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने खुद बयान जारी कर बताया कि लगभग चार दिन पहले विकासखंड मनियर में सामूहिक विवाह हुआ था. जिसमें कुछ शिकायतें मिली थी. तत्काल इसका संज्ञान लिया गया और उसमें टीम गठित करके जांच कराई गई. अभी तक लाभार्थियों को धनराशि वितरित नहीं की गई है. जांच में जो लोग दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ कार्यवाही की जा रही है. अभी तत्काल में एडीओ, समाज कल्याण अधिकारी सहित नौ लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर दिया गया है. अन्य जो भी अभी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ भी कार्यवाही तय है. एडीओ और समाज कल्याण के विरुद्ध कार्रवाई  के लिए पत्र भी प्रेषित किए जा चुके हैं.

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