जिला जज अशोक कुमार को फोन पर उनके लड़के के एनकाउंटर की धमकी देने वाला आरोपी पुलिस की पकड़ से अब तक कोसों दूर

मुंबई/ बलिया : जिला जज अशोक कुमार को फोन पर उनके लड़के के एनकाउंटर की धमकी देने वाला आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है। इस प्रकरण में सबसे दिलचस्प यह हैं कि आरोपी को मुंबई पुलिस भी तलाश कर रही है। कारण कि आरोपी ने जिस व्हाट्सएप नंबर से फोन किया था, उसकी डीपी पर मुंबई पुलिस के एक बड़े अधिकारी की फोटो लगी हुई है। आरोपी इसके पूर्व भी कई लोगों को लेकर फोन कर चुका है। हालांकि व्हाट्स एप कॉल के जरिए धमकी देने पर साइबर क्राइम के बढ़ते प्रभाव से हार कोई सकते में हैं. लोगों का मानना हैं कि जुडीसियल महकमे के अफसर जब कुछ नहीं कर पा रहे हैं तो गुरबत में जीने वाले लोगों की सुरक्षा किसी भी तरह लोगों को हजम भी नहीं हो पा रहा है. जबकि जिला जज का प्रकरण एक सप्ताह से अधिक का बताया जा रहा हैं.

हरबार फोन कॉल न कर आरोपी ने व्हाट्सएप कॉल किया है, इसलिए पुलिस को उस तक पहुंचने में थोड़ा समय लग रहा है। बलिया पुलिस सर्विलांस टीम के तेज तर्रार विशेषज्ञ आरोपी की शिनाख्त में जुटे हैं। वहीं बाहर के एक्सपर्ट की सलाह भी ली जा रही है।पुलिस महकमे के अधिकारियों का दावा है कि आरोपी जल्द पुलिस की पकड़ में होगा। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रख मामले की गहनता पूर्वक जांच पड़ताल कर रही है।

पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने जिले की दीवानी अदालत के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अशोक कुमार उपाध्याय की शिकायत के हवाले से बताया कि 10 दिसंबर की रात जिला न्यायाधीश अशोक कुमार के व्यक्तिगत मोबाइल नंबर पर व्हॉट्सएप कॉल आया।

शिकायत में कहा गया कि कॉल करने वाला पुलिस की वर्दी में था और खुद को सदर थाने में तैनात बताया। उन्होंने कहा कि उस व्यक्ति ने धमकी दी कि ”मै तुम्हारे बेटे का एनकाउंटर कर दूंगा’। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शिकायत के आधार पर अज्ञात के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 507 (गुमनाम संचार के माध्यम से धमकी देना) में मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने ने कहा कि मामले में जांच की जा रही है।

धमकी मामले के बाद जिला जज के आवास से लेकर कचहरी तक पुलिस पीएससी के जवान मुस्तैद हैं। हर आने जाने वाले की निगरानी की जा रही है। सीओ सिटी एसएन वैभव पांडेय ने बताया की फोन करने वाले आरोपी की शिनाख्त में टीम जुटी हुई है। बहुत जल्द सफलता मिल जाएगी।