तीन पर्चियों से होगी जनसुनवाई, शिकायतों के निस्तारण की होगी निगरानी; थानों के CCTV पर भी SP कार्यालय की नजर

बलिया। जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने जनसुनवाई व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की पहल की है। शिकायतों का रिकॉर्ड रखने, थानों में प्रार्थना पत्रों पर हुई कार्रवाई की निगरानी करने और फरियादियों को उनकी शिकायत की प्रगति बताने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

क्रॉस केस के मामलों में निष्पक्षता पर जोर

एसपी की प्राथमिकताओं में पीड़ित पक्ष की सुनवाई और शिकायतों की निष्पक्ष जांच प्रमुख है। कई बार मारपीट की घटनाओं में प्रभावशाली या दबंग पक्ष की ओर से भी दूसरे पक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किए जाने की शिकायतें सामने आती हैं। ऐसी परिस्थितियों में यह जरूरी है कि पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष जांच करे और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करे।

नई व्यवस्था के तहत थानों को निष्पक्ष सुनवाई और सही तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पीड़ित के साथ अन्याय न हो और किसी निर्दोष को अनुचित तरीके से मुकदमे में न फंसाया जाए।

क्या है तीन पर्चियों वाली नई व्यवस्था?

जनसुनवाई को व्यवस्थित करने के लिए तीन पर्चियों की व्यवस्था अपनाई गई है। इसके तहत—

- पहली पर्ची: पुलिस कार्यालय के रिकॉर्ड के लिए।
- दूसरी पर्ची: संबंधित थाने के कार्यालय के लिए।
- तीसरी पर्ची: शिकायतकर्ता यानी फरियादी के पास रहेगी।

इस व्यवस्था से शिकायत का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और थाने में उस पर हुई कार्रवाई का पता लगाने में मदद मिलेगी। फरियादी के पास पर्ची होने से वह अपनी शिकायत के संबंध में जानकारी भी प्राप्त कर सकेगा।

10 दिन में निस्तारण नहीं तो जान सकेंगे प्रगति

नई जनसुनवाई व्यवस्था में शिकायतों के निस्तारण और उनकी प्रगति की जानकारी देने पर जोर है। निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर फरियादी पुलिस कार्यालय से संपर्क कर अपने प्रार्थना पत्र की स्थिति जान सकेगा। इसके लिए तीसरी पर्ची पर दर्ज संपर्क नंबर और निर्धारित समय का उपयोग किया जा सकेगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य थानों में लंबित शिकायतों की निगरानी करना और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करना है। हालांकि, शिकायतों के निस्तारण की समय-सीमा और संपर्क नंबर की आधिकारिक पुष्टि पुलिस विभाग से की जानी चाहिए।

थानों के CCTV कैमरों पर भी रहेगी नजर

थानों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एसपी कार्यालय में कंट्रोल रूम के माध्यम से थानों के CCTV कैमरों की निगरानी की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण पहल है। इससे थानों की गतिविधियों पर नजर रखने और शिकायतों से जुड़े मामलों में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

महिला और कमजोर वर्ग के फरियादियों को राहत की उम्मीद

इस पहल से उन लोगों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें थाने में अपनी बात रखने या शिकायत पर कार्रवाई की जानकारी हासिल करने में परेशानी होती है। शिकायतों का रिकॉर्ड, पर्ची के माध्यम से जानकारी और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी से पुलिस व्यवस्था में जनता का भरोसा बढ़ सकता है।

डॉ. ईरज राजा की पहल का मुख्य उद्देश्य जनसुनवाई को अधिक पारदर्शी बनाना, अपराध नियंत्रण को प्रभावी करना और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने की दिशा में पुलिस की जवाबदेही मजबूत करना है। अब इस व्यवस्था की वास्तविक सफलता इसके प्रभावी क्रियान्वयन और शिकायतों पर होने वाली निष्पक्ष कार्रवाई से तय होगी।