टोना-टोटका के चक्कर में कोचिंग संचालक दम्पत्ति की हुई थी हत्या

आरोपी को शंका: मृतक द्वारा कराए गए ओझौती के कारण उसके माता-पिता की हुई थी मौत

बलिया। खेजुरी के मासूमपुर गांव में नौ फरवरी 2025 की रात कोचिंग संचालक शिक्षक दम्पती मर्डर मामले में एसओजी व खेजुरी पुलिस टीम ने मंगलवार को बलिया रेलवे स्टेशन के पास से दो ओझा-सोखा समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। वही मुख्य आरोपी के निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू व प्लास्टिक का दस्ताना बरामद किया। पुलिस ने सभी अभियुक्तों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय भेज दिया।


मंगलवार को पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने पुलिस लाइन स्थित सभागार में खुलासा करते हुए बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम व पता क्रमशः अखिलेश चौरसिया पुत्र स्वर्गीय श्याम सुंदर चौरसिया निवासी मासूमपुर थाना खेजूरी बलिया, शिवानंद चौरसिया पुत्र रामानंद निवासी मासूमपुर थाना खेजूरी बलिया, अशोक कुमार वर्मा (सोखा) पुत्र स्वर्गीय कन्हैया वर्मा निवासी मासूमपुर थाना खजूरी बलिया तथा नंदजी पासवान (सोखा) पुत्र स्वर्गीय सुरेंद्र पासवान निवासी हथौज थाना खेजूरी बलिया बताया। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी अखिलेश चौरसिया के बयान व अन्य संकलित साक्ष्य के आधार पर घटना में संलिप्त शिवानन्द चौरसिया, अशोक कुमार वर्मा (सोखा), व नन्दजी पासवान (सोखा) का नाम प्रकाश में आया। एसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी अखिलेश चौरसिया को शंका थी कि मृतक श्याम लाल चौरसिया द्वारा कराए गए ओझौती सोखौती के कारण उसके माता-पिता की मृत्यु वर्ष 2009 में हुई थी। जिसको लेकर वह काफी रूष्ठ था। इसी कारण उसने नौ फरवरी की शाम करीब सात-साढ़े सात के बीच दरवाजे बैठे श्याम लाल की चाकू से गर्दन पर वार कर हत्या कर दिया। जब मौके पर मृतक की पत्नी बासमती पहुँची तो उसे भी चाकू से वार हत्या कर दिया। इस घटना में सहयोग उसके दोस्त शिवानंद चौरसिया ने साथ दिया। इस मामले में एसओजी एवं खेजुरी पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू व दास्ताना बरामद कर विधिके कार्रवाई करते हुए न्यायालय भेज दिया।