◼️अधिवक्ताओं ने एफआईआर दर्ज करने का किया डिमांड
◼️ कारवाई नहीं हुई तो बुधवार को सड़क पर उतर कर करेंगे जाम
◼️युवा अधिवक्ता के स्वजनों ने लिखित आवेदन के साथ जलपरी के संचालक एवं अन्य के विरुद्ध एफ आई आर हेतु दी तहरीर

विधि संवाददाता

बलिया: रविवार को शाम साढ़े छः बजे ददरी मेला भगदड़ कांड में युवा अधिवक्ता की मौत का मामला गहराता जा रहा है। सोमवार को दीवानी न्यायालय परिसर माहौल काफी सन्नाटा रहा। प्रवीण कुमार सिन्हा की मौत शायद अभी भी अबूझ पहेली बनी हुईं है संयुक्त रूप से अधिवक्ताओं की गहन मीटिंग लगभग दो घंटे लगातार चलती रही जिसकी अध्यक्षता सिविल के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार दूबे एवं फौजदारी संगठन के अध्यक्ष देवेंद्र नाथ मिश्रा द्वारा किया गया। जिसमें महासचिव भूपेंद्र कुमार सिंह एवं महासचिव अजय कुमार पांडेय समेत कार्यकारिणी के समस्त सदस्य गण एवं दोनों संगठन के अधिवक्ता मौजूद रहे।

इस दौरान मीटिंग में आक्रोशित अधिवक्ताओं ने यह निर्णय लिया गया कि जनपद के पुलिस अधीक्षक द्वारा घटना का गहनता से जांच कराकर चौबीस घंटे के अंदर एफ आई आर नहीं कराते है तो बुधवार को समूचे अधिवक्ता सड़क पर उतरकर युवा अधिवक्ता के परिजनों को न्याय मिलने तक जाम करेंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस व जिला प्रशासन की होगी। अधिवक्ताओं ने कहा कि ददरी मेला में चल रहे जलपरी कार्यक्रम में युवा अधिवक्ता के बच्चो एवं परिवार के साथ अभद्रता ,धक्का मुक्की एवं बेइज्जती भी की गई तथा अधिवक्ता को चोटहिल भी किया गया। जिसके वजह से उनकी मौत हुई है। यही नहीं मेला में तैनात पुलिस द्वारा जमकर लाठी चार्ज भी किया गया है । इस घटना में पुलिस कि कार्यशैली से नाराज अधिवक्ताओं ने पुलिस व प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए मेला पुलिस के कृत्यों पर घोर आपत्ति जताई और इस आशय की कॉपी जिला जज ए के झा, चीफ जस्टिस ऑफ उत्तर प्रदेश, वाराणसी पुलिस एडीजी एवं अन्य आला अधिकारियों को अवगत कराई है। साथ ही चेतावनी भी दिया है।


त्रिभुवन नाथ यादव एडवोकेट