
विशेष न्यायाधीश (ई सी एक्ट) की न्यायालय ने निचली अदालत के आदेश को किया अपास्त व निगरानी याचिका को किया बहाल
विधि संवाददाता
बलिया: तत्कालीन थाना प्रभारी नगरा अतुल मिश्रा समेत नौ पुलिस कर्मियों द्वारा थाने में बुलाकर मारपीट करने ,भद्दी भद्दी गालियां देना उस समय भारी पड़ गया जब निचली अदालत के आदेश को आपस्त करते हुए शिकायत कर्ता के निगरानी याचिका की अर्जी को विशेष न्यायाधीश (ई सी)कोर्ट के न्यायाधीश रामकृपाल ने स्वीकार कर ली।
अदालती सूत्रों के अनुसार आरोप है कि नगरा थाना क्षेत्र के पंचफेड़वा गांव निवासी देवनारायन प्रजापति को नगरा थाना प्रभारी एवं अन्य कहे कि साले कोहार,सियार तुम्हारी सब नेतागिरी भुलवा देंगे, गाली दिए काफी मारपीट किए और बंद कर दिए। जिसकी शिकायत दर्ज कराते हुये वादी द्वारा निचली अदालत में याचिका दाखिल किया गया लेकिन उसका शिकायत अर्जी निचली अदालत ने सरसरी तौर पर ख़ारिज कर दी।
जिसका वादी ने उपरी अदालत में निगरानी याचिका के रूप में अपने अधिवक्ता डॉक्टर निर्भय नारायण सिंह के माध्यम से दर्ज कराई। जहां न्यायालय ने घटना का संज्ञान लेते हुए निचली अदालत के आदेश को अपास्त करते हुए फौजदारी निगरानी स्वीकार कर ली है। इस मामले का कोर्ट में संज्ञान लेते हुए तत्कालीन नगर थाना प्रभारी अतुल कुमार मिश्रा सहित 9 पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
त्रिभुवन नाथ यादव एडवोकेट
Comments
No comments yet.
Comments are closed for this post.