विधि संवाददाता
बलिया: नाबालिग को बहला कर अपहरण कर भगाने एवं दुष्कर्म करने के मामले में सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट संख्या (8) प्रथमकांत की न्यायालय ने दोषी अभियुक्त चंदन भारती भरतपुरा सुखपुरा को दोषी करार देते हुए 12 वर्षों के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है. सभी धाराओं को मिलाकर कुल 32 हजार रूपए जुर्माने से दंडित की है। जुर्माने की धनराशि नहीं देने पर अतिरिक्त एक वर्ष की सजा भुगतनी होगी। इसी के साथ न्यायालय ने यह भी आदेश दिया है कि जुर्माने की धनराशि में से 25हजार रुपए पीड़िता को क्षतिपूर्ति के लिए दिया जाए। और शेष रकम राज्य सरकार के खाते में जमा कराया जाए.
अभियोजन के मुताबिक यह घटना सुखपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव के नाबालिक उम्र 15साल के साथ 25सितंबर 2019 को घटित हुआ था। वादी के तहरीर पर आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ था तथा सुखपुरा पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध चार्जशीट 5जनवरी 2020 को प्रेषित किया। परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता डी एन पांडेय ने सभी साक्षियों को परीक्षित कराया। व बचाव पक्ष ने भी अपनी दलीलें पेश की।
त्रिभुवन नाथ यादव एडवोकेट
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