मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के मालगोदाम के पास जाम लगाकर आम पब्लिक का रास्ता अवरुद्ध करने का

बलिया लगभग दस साल पुराने माल गोदाम के पास आम जनता का रास्ता अवरुद्ध करने एवं तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश का उल्लंघन करने एवं जाम लगाने के मामले की सुनवाई करते हुए सी जे एम शैलेष कुमार पांडेय की न्यायालय में हाजिर अदालत नहीं होने पर उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह समेत पंद्रह आरोपितों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश पारित की है। इसके साथ ही सी जे एम न्यायालय ने आदेश में उल्लेख किया है कि नियत तिथि को कोतवाली पुलिस द्वारा तामिला भी सुनिश्चित करा लिया जाए।


उल्लेखनीय है कि कोतवाली थाने द्वारा दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 803/2015 भादवि की धारा 188के तहत दर्ज मुकदमे में प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री समेत 15 आरोपी गण कोर्ट में उपस्थित नहीं हो रहे है जबकि उक्त पत्रावली काफी पुरानी एवं एक्शन प्लान की पत्रावली है। न्यायालय में उपस्थित नहीं होने के वजह से सीजेएम ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए, कोतवाली पुलिस को उक्त आरोपितो को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने हेतु आदेश पारित की है।
अभियोजन के अनुसार क्या है घटना? कोतवाली थाने अंतर्गत ओक्डेनगंज चौकी तत्काली इंचार्ज सत्येंद्र राय, कांस्टेबल संजय यादव, जशवीर सिंह आत्मा प्रसाद आदि पुलिस कर्मी शांति व्यवस्था हेतु शहर में चक्रमण कर रहे थे। उसी वक्त 9 सितंबर 2015 को समय करीब ग्यारह बजे दिन में पता चला कि मालगोदाम के पास भाजपा के दयाशंकर सिंह, नागेंद्र पांडेय, संतोष सोनी, पप्पू पांडेय, धीरज गुप्ता, सतीश अग्रवाल, दीपक कुमार , सर्वदमन जायसवाल , राजेश गुप्ता, बंटी वर्मा ,रामजी गुप्ता,मनोज गुप्ता ओमप्रकाश तुरहा एवं सौ डेढ़ सौ अन्य लोग आम लोगों का चलना दुभर कर दिए है और जाम लगाए हुए है।


जिसपर उच्चाधिकारियों के आदेश के क्रम में दयाशंकर सिंह समेत 17 नामित एवं 150व्यक्ति अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत हुआ और विवेचना पूरी कर सभी के खिलाफ विवेचक सत्येंद्र राय ने चार्जशीट न्यायालय को प्रेषित किया। जिसका संज्ञान सीजेएम ने 18जुलाई 2016 को लिया। जिसमें नागेंद्र पांडे व एक अन्य कोर्ट में उपस्थित हुए और जमानत भी करा ली। बाकी प्रदेश सरकार के मंत्री समेत पंद्रह के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट सी जे एम न्यायालय द्वारा किया गया।


त्रिभुवन नाथ यादव एडवोकेट