याद करूँ तो 1942 बलिया की क्रांतिगाथा लिखने वाले धर्मराज से मिली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
ब्रिटिश हुकूमत को उखाड़ फेंक कर क्राउन के समानांतर की सरकार बना लेने की घटना को जानकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू चकित रह गईं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से वार्तालाप के दौरान बलियावासी युवा लेखक धर्मराज गुप्ता ने युक्त एतिहासिक घटना का जिक्र करते हुए उन्हें बताया कि 1942 के अगस्त माह में गाँधी जी के आह्वान पर बलिया में जो क्रांति हुई उसकी मिशाल और कहीं नहीं मिलती। पुरे देश में सिर्फ यूपी का बलिया, महाराष्ट्र का सतारा, और पश्चिम बंगाल का मिदनापुर सबसे पहले आजाद हो चूका था.