नन्ही लेखिका भव्या पाण्डेय ने रचा ‘विषपुष्प’, जीवन के दर्द और आत्मबोध को कविताओं में दी आवाज
साहित्य के क्षेत्र में कम उम्र में अपनी रचनात्मक प्रतिभा का परिचय देते हुए बलिया की भव्या पाण्डेय ने अपनी पहली पुस्तक ‘विषपुष्प—एक फूल की आत्मकथा’ का लेखन किया है.