लखनऊ के सरोजनीनगर से पत्ता कटने बाद बलिया सीट पर दयाशंकर की दावेदारी बढ़ी

लखनऊ।  विधानसभा चुनाव 2022 में पूर्वांचल की अगर बात करें तो बलिया के 7 विधान सभा सीटें है। जिसमे 2017 में 5 बीजेपी 1 सपा और 1 बसपा के खाते में सीट गई। लक्ष्मण गुप्ता दूसरे नम्बर पर थे, वही तीन बार विधायक रहे नारद राय बुरी तरह हारे थे। इस बार ठाकुर नेता दयाशंकर सिंह को टिकट मिलता है तो सपा नेता लक्ष्मण को टिकट मिलना तय माना जा रहा है। अखिलेश यादव अगर वैश्य विरादरी के लक्ष्मण गुप्ता को टिकट देते है तो सपा बलिया आसानी से जीत सकती है।

इस बार समीकरण कुछ अलग ही बनता हुआ दिखाई दे रहा है जहां बीजेपी कुछ मुद्दों पर जैसे महंगाई, बेरोज़गारी व स्थानीय मुद्दे से घिरती नजर आ रही है। वहीं मुख्य विपक्षी दल सपा के पास जन समर्थन बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। वही लक्ष्मण गुप्ता के साथ बनिया वर्ग बड़ी सख्या में वोट करेगा। सदर सीट बनिया बाहुल्य है,जिसका फायदा पिछले विधानसभा चुनाव में सपा को मिला था। इस बार भी मिल सकता है।
इस सीट पर नारद राय के सपा कई बार जीत हासिल किये थे। अब वही टक्कर एक बार फिर से इस सीट पर भाजपा और सपा के बीच दिखाई दे रही है। दयाशंकर सिंह को बीजेपी टिकट देती है, उस परिस्थिति में बलिया सदर से सपा के  नेता की जीत पक्की मानी जा रही है।

अगर इस सीट पर जातिगत बात करे। तो लक्ष्मण गुप्ता मजबूत नजर आ रहे है, मगर रोज का बदलता हुआ राजनीतिक गणित कहता है कि कभी भी कुछ भी हो सकता है।

361 सदर विधानसभा की संभावित जातिगत आंकड़ा इस प्रकार है।

ब्राह्मण -65000 से 70000
ठाकुर- 45000 से 55000
बनिया- 35000 से 40000
भूमिहार -10000 से15000
यादव -30000 से 35000
मुसलमान-20000-25000
कोइरी-10000 से 15000
हरिजन-20000 से 25000
राजभर -5000 से 6000
अन्य पिछड़ा वर्ग -40000 से 50000

2022 के विधानसभा चुनाव में यह तो साफ है कि जातिगत समीकरण के साथ-साथ स्थानीय मुद्दे और पानी की समस्या सहित जल निकासी की समस्या मुख्य मुद्दा चुनाव प्रभावित कर सकती है।