बलिया। बागी क्रांति की धरती बलिया नें समय-समय पर अपनी साहित्यिक उपस्थिति से साहित्य जगत को चौंकाया है। आचार्य परशुराम चतुर्वेदी, हजारी प्रसाद द्विवेदी, भैरवप्रसाद गुप्त, अमरकांत से लेकर केदारनाथ सिंह और दूधनाथ सिंह जैसे तमाम कलम के धुरंधरों नें अपनी कविता, कहानी, निबंध और उपन्यास से समाज को समृद्ध किया है। इसी कड़ी में ताजा नाम दुबहड़ ब्लॉक के ग्राम भुइली निवासी लेखक अतुल कुमार राय का है। आजकल सोशल मिडिया पर अतुल कुमार राय द्वारा लिखित उपन्यास चाँदपुर की चंदा की खूब चर्चा हो रही है। एक हफ्ते के भीतर ही इस उपन्यास नें देश-विदेश के साहित्य प्रेमियों को अपनी तरह आकर्षित कर लिया है।

एक तरफ जहां कहा जाता है कि स्मार्टफोन के दौर में हिंदी साहित्य पढ़ने का दौर अब नहीं है। वहीं सहतवार थाना के अंतर्गत आने वाले चाँदपुर दियर को केंद्र में रखकर लिखे गए इस उपन्यास की हजारों प्रतियां तीन दिन के अंदर ही बिक गईं हैं। बलिया जनपद के तमाम साहित्य प्रेमी भी इस उपन्यास को लेने के लिए राहुल बुक डिपो पर आ रहे हैं। और सोशल मीडिया पर अपना फ़ोटो शेयर कर रहें हैं।

वहीं चाँदपुर के ग्रामीण इस बात से उत्साहित हैं कि किसी साहित्यकार नें दशकों से बाढ़ झेल रहे चाँदपुर गाँव को अपनी प्रेम कहानी का आधार बनाकर सिस्टम को आइना दिखाया है।

अपने पहले उपन्यास की सफलता से उत्साहित अतुल कुमार राय नें प्रभात न्यूज़ को मुम्बई से बताया कि आंचलिक कहानी का दौर हमेशा से रहा है। मुझे अपनी कहानी पर हमेशा से भरोसा था। एक हफ्ते के भीतर पाठकों की तारीफों से ये भरोसा और मजबूत हुआ है। अतुल आजकल वेवसिरिज और फ़िल्म का लेखन कर रहे हैं। बहुत जल्दी रिलायन्स एंटरटेनमेंट की फ़िल्म शेरदिल में उनके सँवाद सुनने को मिलेंगे।