भाजपा विधायक दिनेश प्रताप सिंह बोले, ये कार्रवाई संवेदनहीनता

लखनऊ में बुधवार को बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के घर और कार्यालय पर आयकर विभाग की टीमों ने छापेमारी की। इसे लेकर भाजपा सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने गहरी नाराजगी दिखाई है और आईटी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
एक्स पर जारी किए गए बयान में उन्होंने कहा कि विधायक उमाशंकर सिंह दो वर्ष से अधिक से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। यदि उनके जीवन को कोई हानि होती हैं तो ये संवेदनहीन संस्थाएं जिम्मेदार होंगी। दरअसल, दिनेश प्रताप सिंह उमाशंकर सिंह के रिश्तेदार हैं। दिनेश सिंह की बेटी उमाशंकर सिंह के घर ब्याही है।
बसपा विधायक के अस्वस्थ होने के दौरान आयकर विभाग की कार्रवाई पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताते हुए एक्स पर लिखा कि बलिया के रसड़ा से विधायक उमाशंकर सिंह के घर मेरी बेटी ब्याही है। उनके घर में आज आयकर विभाग की टीम छापा मार रही है। देश-प्रदेश के राजनेता, आयकर सहित सभी संस्थाओं को पता है कि उमाशंकर सिंह दो वर्ष से अधिक से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। वर्तमान परिस्थितियों में उनके लिए धनार्जन नहीं सांसें बचाने में ही सारा समय और धन व्यय हो रहा है। सभी व्यवसाय लगभग बंद हो गए हैं। आज अपने आवास में आइसोलेशन में रह रहे हैं।
उन्होंने आगे लिखा कि विधानसभा का सत्र एक विधायक के लिए महत्वपूर्ण होता है, लेकिन एक घंटे के लिए भी नहीं जा सके। इस समय उनके घर पर नर्स या डॉक्टर को भी जाने की अनुमति नहीं है। यदि उनके जीवन को कोई हानि होती हैं तो ये संवेदनहीन संस्थाएं जिम्मेदार होंगी। इस प्रकार की परिस्थितियों में दुर्लभतम अपराधों में भी माननीय न्यायालय दया के आधार पर याचिका स्वीकार करके दोष मुक्त कर देते हैं। किंतु, इस कठिन दौर में भी कौन संवेदनहीन राजनेता या संस्था हो सकती हैं जो ऐसी परिस्थितियों में भी पीड़ा देने की सोच सकता है। प्रभु ऐसे लोगों को और संस्थाओं को सद्बुद्धि दे।
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