लखनऊ : लखनऊ में बसपा के एकमात्र विधायक उमाशंकर सिंह के आवास पर आयकर का छापा पड़ा है। करीब 50 से ज्यादा इन्कम टैक्स के अफसर बड़ी-बड़ी गाड़ियों से आवास पर पहुंचे और आवास को घेर लिया। आने-जाने का रास्ता ब्लॉक कर दिया। आयकर विभाग के अफसरों के साथ लखनऊ पुलिस भी मौजूद हैं।

लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के इकलौते वर्तमान विधायक उमाशंकर सिंह के गोमतीनगर स्थित आवास और कार्यालय पर आज सुबह आयकर विभाग की टीम ने छापेमारी की कार्रवाई शुरू की है। सूत्रों के अनुसार, 50 से अधिक आयकर अधिकारी और कर्मचारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे हैं। टीम दस्तावेजों, रिकॉर्ड्स और अन्य सामग्री की जांच कर रही है। कार्रवाई के दौरान डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के आने-जाने पर भी अस्थायी रोक लगा दी गई है,यह छापा राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि उमाशंकर सिंह BSP सुप्रीमो मायावती के इकलौते विधायक हैं। अभी तक आयकर विभाग की ओर से इस छापे के कारणों या बरामदगी के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जानकारी के मुताबिक, अफसर फाइलें, इलेक्ट्रानिक डिवाइसें और अन्य जरूरी उपकरण खंगाल रहे हैं। आयकर विभाग ने यह छापा सुबह-सुबह मारा। आयकर विभाग की टीम वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों और संपत्ति की जांच कर रही है। उमाशंकर सिंह बलिया जनपद के रसड़ा विधानसभा से विधायक हैं। वह इन दिनों कैंसर से पीड़ित बताए जा रहे हैं। मायावती ने पिछले साथ उमाशंकर सिंह को राखी बांधी थी।


पांच मार्च 2025 को उमाशंकर सिंह से मिलने पहुंची थी मायावती


विधायक उमाशंकर सिंह के राजनीतिक वर्चस्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 5 मार्च 2025 में उमाशंकर की तबीयत खराब होने पर मायावती खुद उनसे उनके आवास पर मिलने पहुंची थी। इस दौरान वह पूरे परिवार से मिली और हाल जाना था। 2022 के विधानसभा चुनाव में जीतने वाले वह बसपा के प्रदेश में एकमात्र विधायक हैं।

विधायक उमाशंकर सिंह के पैतृक आवास पर भी इनकम टैक्स का रेड

बलिया जिले के खनवर गांव में बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के आवास पर भी इनकम टैक्स टीम का रेड पड़ा है। रेड के दौरान विधायक के भाई CSIL के चेयरमैन रमेश सिंह साथ 10 से 20 कर्मचारी आवास में मौजूद रहे। सभी लोगों का मोबाइल फोन टीम के अफसरों ने जब्त करने के बाद कारवाई शुरू कर दिया।


तीन बार से लगातार विधायक हैं उमाशंकर सिंह
उमाशंकर सिंह 2011 में बसपा में शामिल हुए थे। 2012 में उमाशंकर सिंह पहली बार सपा विधायक सनातन पांडेय को हराकर विधायक बने थे। 2017 में उन्होंने दोबारा जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2022 में वह तीसरी बार विधायक बने।