अब गुलाबी ठंड शुरू हो गई है ऐसे में शरीर को फिजिकल वार्म अप जरूरी है, वर्तमान परिवेश व भाग दौड़ की जिंदगी में लोग शरीर पर अधिक ध्यान नहीं दे पा रहे रहे हैं. अनियमित दिनचर्या के चलते सौ में से 60 फीसदी लोग सर्वाइकल स्पोनलिटिस, गठिया व जोड़ों की बीमारी ग्रसित हैं. ठंड बढ़ने के साथ ही जोड़ों के दर्द भी शरीर में जगह बनाने लगते हैं. ऐसे में हम सभी को सावधान रहकर नियमित व व्यायाम युक्त दिनचर्या शुरू करनी होगी. इसके लिए नियमित व्यायाम बहुत जरूरी है. शरीर को दुरुस्त रखने के लिए आपको नियमित होना सबसे जरूरी है.

अगर ठंड में आपके शरीर में अकड़न और दर्द रहता है तो निश्चित ही आपको व्यायाम की जरूरत है अगर ऐसा करने के बाद भी आपके जोड़ों के दर्द से मुक्ति नहीं मिलती है तो किसी अच्छे फिजियोथैरेपिस्ट से सलाह जरूर ले. इस मुद्दे पर बातचीत में शहर के जाने-माने फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. प्रवीण कुमार सिंह बताते हैं कि सर्दियों में भागदौड़ वाली जीवन शैली की वजह से बॉडी पेन की समस्या बढ़ जाती है. बदन दर्द और शरीर में होने वाले अकड़न से बचने के लिए कम से कम 5 से 10 मिनट टहलने की जरुरत आमतौर पर सबको है.

सर्दियों में सुस्त जीवनशैली और फिजिकल एक्टिविटी न करने की वजह से दिल की समस्याओं से लेकर मानसिक स्वास्थ्य तक, कई परेशानियां हो सकती हैं. ये भले ही आपको एकदम न हो लेकिन धीरे-धीरे इस आदत की वजह से आपको कई परेशानियां हो सकती हैं. शरीर को तंदुरुस्त बनाए रखने के लिए फिजिकल एक्टिविटी बेहद जरूरी है. ठंड के मौसम में ज्यादातर लोग अपने कंबलों से बाहर नहीं निकलते और ज्यादा से ज्यादा समय घर के अंदर ही बिताते हैं. ये आदत भले ही आपको ठंड से कुछ राहत दिला दें लेकिन, स्वास्थ्य के लिए ये नुकसानदायक है.अक्सर आपने ये देखा होगा कि कई लोग सर्दियों में बदन दर्द, बॉडी पेन की शिकायत करते हैं. ऐसा इसलिए, क्योंकि फिजिकली एक्टिव न होने या व्यायाम न करने की वजह से मांसपेशियां कमजोर हो जाती है जिसके प्रमाण स्वरूप क्रोनिक पेन सिंड्रोम होने लगता है. ये सूजन या खराब नसों की वजह से हो सकता है. सर्दियों में सुस्त जीवनशैली के कारण होने वाले बदन दर्द से बचने के लिए हर 2 घंटे में व्यक्ति को 5 मिनट टहलना चाहिए. अगर आप काम की वजह से हमेशा बैठे रहते हैं या आपका काम इस तरह का है तो आप फोन कॉल पर बात करते हुए कुछ मिनट टहल सकते हैं.अगर ऐसा भी संभव नहीं है तो आप फिजिकली फिट रहने के लिए बॉडी के अलग-अलग पार्ट्स को स्ट्रेच कर सकते है. इससे मांसपेशियां एक्टिव रहेंगी और शरीर में ब्लड सरकुलेशन भी बढ़िया रहेगा. राजेश्वरी फिजियोथैरेपी के वरिष्ठ चिकित्सक व परामर्शदाता डॉ प्रवीण कुमार कुमार सिंह ने सर्दियों में शरीर के दर्द को दूर करने के लिए कुछ टिप्स बताएं हैं.

इन बातों को ध्यान रखकर आप भी बॉडी पेन से आराम पा सकते हैं.

वजन ना बढ़ने दें.

फिजिकल एक्टिविटी न करने की वजह से सर्दियों में वजन बढ़ता है. इसलिए जरूरी है कि आप वजन को मेंटेन रखें. यदि थोड़ा बहुत वजन भी बढ़ता है तो इससे घुटनों और जॉइंट पर दबाव बढ़ेगा जिसकी वजह से आपको जॉइंट पेन शुरू होने लगेगा. सर्दियों में अपनी डाइट का विशेष ध्यान रखें जिससे वेट मेंटेन रहे और ज्वाइंट पेन का खतरा न हो.यूज करें हॉट वाटर बैग सर्दियों में जॉइंट और मसल पेन की समस्या आम है. ऐसे में आप इससे बचने के लिए एक इलेक्ट्रिक हीटिंग पैड या गर्म पानी की थैली का इस्तेमाल कर बॉडी की सिकाई कर सकते हैं. गर्म पानी में नहाने से भी जोड़ों के दर्द से राहत मिलता है. क्योंकि इससे ब्लड सरकुलेशन अच्छा हो जाता है.

बॉडी को रखें हाइड्रेट

सर्दियों के आते ही लोग पानी पीना कम कर देते हैं. ठंड में लोग नहीं चाहते कि पानी पीने के बाद बार-बार उन्हें बाथरूम जाना पड़े. लेकिन, ऐसा करना शरीर के लिए नुकसानदायक है. सर्दियों में शुष्क हवा की वजह से डिहाइड्रेशन, थकान और दर्द होता है. इसलिए जरूरी है कि आप पर्याप्त मात्रा में दिन भर में पानी का सेवन करें. यहां तक कि गर्म चाय, सूप पीना भी शरीर को आराम पहुंचा सकता है. अगर आप फिजिकल एक्टिविटी करते हैं तो कम से कम 9से 10 गिलास पानी जरूर पीये.

खान-पान पर रखें विशेष ध्यान

गर्मियों की तरह ही सर्दियों में भी अपने खानपान का विशेष ध्यान रखें. ताजे फल सब्जियां, साबुत अनाज, दालें अपने खान-पान में शामिल करें. इससे इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत होगा और विभिन्न एलर्जी, संक्रमण और बीमारियों से आप दूर रहेंगे. इस मौसम में प्रोसेस्ड, जंक और ऑइली फूड खाने से बचें जो शरीर में सूजन और दर्द पैदा कर सकते हैं.

लेते रहें सप्लीमेंट

अगर लगातार हड्डी और जोड़ों में दर्द हो रहा है तो डॉक्टर या फिजियोथेरेपीस्ट की देखरेख में ही कैल्शियम और विटामिन डी के सप्लीमेंट लें. ऐसा न हो कि घर पर ही आप खुद के डॉक्टर बन जाए.