ज्योति सिंह पहुंचीं अदालत, पिछली गैरहाजिरी पर लग चुका है एक हजार रुपये का जुर्माना
*न्यायालय में हाजिर नहीं होने पर सिनेस्टार के विरुद्ध तीन हजार का लगाया हर्जाना*
◾न्यायालय ने सिनेस्टार का नियत तिथि पर हाजिर होने का दिया आदेश
◾सिनेस्टार पवन सिंह कई तारीखों से कोर्ट का कर रहे अवमानना
विधि संवाददाता
 बलिया भोजपुरी गायक एवं भाजपा के बिहार विधान परिषद सदस्य पवन सिंह एक बार फिर पत्नी ज्योति सिंह से जुड़े भरण-पोषण मामले की सुनवाई के दौरान बलिया परिवार न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हुए। वहीं, ज्योति सिंह अदालत में पेश हुईं। मामले की सुनवाई करते हुए अपर परिवार न्यायालय के न्यायाधीश कमलापति की न्यायालय ने पवन सिंह को हाजिर नहीं होने पर तीन हजार रुपए का हर्जाना लगाई है और अग्रिम नियत तिथि पर हाजिर होने का आदेश दी है
भोजपुरी सिनेमा के चर्चित सिनेस्टार और गायक पवन सिंह से जुड़े भरण पोषण के मामले में  साथ ही इस मामले में परिवादिनी ज्योति सिंह के तरफ से साक्ष्य उसके अधिवक्ता द्वारा प्रस्तुत किया गया। जो जिरह में चल रहा है।
 अदालती सूत्रों के मुताबिक यह भरण पोषण का मामला ज्योति सिंह (मिड्ढी)बलिया द्वारा तीन वर्ष पूर्व दाखिल किया गया था जिसमें वादिनि ने 5लाख रुपए माहवारी भरण पोषण का खर्च न्यायालय में दावा कि है जिसमें पवन सिंह चूंकि रसूखदार लोगों में शुमार है। न्यायालय में मात्र एक ही बार उपस्थित हुए थे। जिसमें काफी शोर शराबा व विवादित स्थिति पैदा हो गई थी संयोग से उस समय भी कोतवाली के इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार सिंह ही तैनात थे जिन्हें कोर्ट के अंदर असमान्य स्थिति को संभालने में पसीना छूट गया था और पवन सिंह को किसी तरीके से बाहर निकाल कर गोपनीय ढंग से घर भेजा गया था 
ज्योति सिंह के अनुसार, पवन सिंह की ओर से उनकी मां के अस्पताल में भर्ती होने से संबंधित मेडिकल प्रमाण पत्र अदालत में प्रस्तुत किया गया। उनकी मां की तबीयत खराब होने के कारण पवन सिंह के सुनवाई में उपस्थित नहीं हो पाने की बात कही गई।

गौरतलब है कि इससे पहले भी पवन सिंह की गैरहाजिरी पर अदालत ने एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। मामले की अगली सुनवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर अब सबकी नजरें अदालत के रुख पर टिकी हैं।
त्रिभुवन नाथ यादव एडवोकेट