धरना रंग लाया, आनंद दुबे ने बलिया में फिर संभाला मुख्य कोषाधिकारी का कार्यभार
बलिया। सेवानिवृत्त कर्मचारी-अधिकारी कल्याण समिति, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष बरमेश्वर नाथ पांडेय के नेतृत्व में पेंशनरों का धरना आखिरकार रंग लाया। शासन के आदेश के बाद आनंद कुमार दुबे ने बलिया में मुख्य कोषाधिकारी का कार्यभा
बलिया। सेवानिवृत्त कर्मचारी-अधिकारी कल्याण समिति, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष बरमेश्वर नाथ पांडेय के नेतृत्व में पेंशनरों का धरना आखिरकार रंग लाया। शासन के आदेश के बाद आनंद कुमार दुबे ने बलिया में मुख्य
कोषाधिकारी का कार्यभार दोबारा संभाल लिया। शनिवार शाम करीब सात बजे कोषागार कार्यालय पहुंचकर उन्होंने पदभार ग्रहण किया। उनके दोबारा कार्यभार संभालने पर पेंशनरों में खुशी का माहौल रहा।
गौरतलब है कि अगस्त 2026 में आनंद कुमार दुबे को तत्काल प्रभाव से कोषागार निदेशालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया था। इसके बाद आजमगढ़ मंडल के संयुक्त निदेशक, कोषागार एवं पेंशन, जग नारायण झा को बलिया के वरिष्ठ कोषाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। यह प्रभार बिना किसी अतिरिक्त वेतन-भत्ते के दिया गया था।
धरने के बाद शासन ने लिया फैसला
आनंद कुमार दुबे को बलिया से संबद्ध किए जाने के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारी-अधिकारी कल्याण समिति के अध्यक्ष बरमेश्वर नाथ पांडेय के नेतृत्व में पेंशनरों ने मुख्य कोषागार परिसर में धरना-प्रदर्शन किया था। समिति की मांग थी कि पेंशन संबंधी कार्यों के सुचारु संचालन के लिए आनंद दुबे को फिर से बलिया में तैनात किया जाए। उनके दोबारा कार्यभार संभालने के बाद पेंशनरों ने राहत और खुशी जताई।
सोशल मीडिया बयान के बाद सुर्खियों में आया था मामला
मुख्य कोषाधिकारी की पत्नी अर्चना पांडेय के सार्वजनिक मंच से दिए गए बयान और सोशल मीडिया पर उसकी चर्चा के बाद यह मामला सुर्खियों में आया था। उस समय राजनीतिक हलकों में भी इसकी चर्चा हुई थी। इसके बाद आनंद दुबे को कोषागार निदेशालय, लखनऊ से संबद्ध किए जाने का आदेश जारी हुआ था।
शनिवार शाम उनके दोबारा कार्यभार ग्रहण करने के दौरान कई पेंशनर मौजूद रहे। समिति के सदस्यों और पेंशनरों ने इस घटनाक्रम को अपनी मांग की सफलता के रूप में देखा।
Pradeep Gupta Editor in Chief
प्रदीप कुमार गुप्त पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। अमर उजाला, प्रभात खबर और राष्ट्रीय सहारा, द डॉन, अवध टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे समाचार बैंक के CEO एवं Editor-in-Chief हैं और राजनीति, अपराध व जनसरोकारों पर तथ्यपरक रिपोर्टिंग करते हैं।
Comments
No comments yet.