बलिया वरिष्ठ अधिवक्ता स्व. हृदयानंद पांडेय के तेल चित्र का अनावरण समारोह शनिवार को सिविल कोर्ट प्रांगण के सिविल बार एसोसिएशन के सभागार में आयोजित किया गया. जिसमें बतौर मुख्य अतिथि बार काउंसिल के सदस्य सचिव जय नारायण पांडेय ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के उपरांत कहा कि स्व. हृदयानंद पांडेय एक अधिवक्ता के साथ ही अच्छे मार्गदर्शक भी थे.उन्होंने अपने जीवन के कई संस्मरण सुनाये.

मुख्य अतिथि ने कहा कि जब हम वकालत में आए तो उन्होंने हमें बहुत समझाया कहा था कि नौकरी छोड़कर कहाँ इस पेशे में आ गये. फिर भी अगर वकालत करनी है तो चार घंटे नियमित पढ़ाई करने की आदत डाल लो. उन्होंने तमाम अच्छे-अच्छे टिप्स भी दिए थे. जिनकी वजह से आज मैं एक सफल अधिवक्ता बन पाया हूं. इस मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी जिला जज मोहम्मद हुसैन अंसारी ने कहा कि पांडेय जी एक अधिवक्ता होने के साथ ही लायर भी थे. उन्हें क़ानून कि समझ अच्छी थी. वे हमेशा तर्कसंगत बहस किया करते थे. उन्हें अपने पत्रावली में होने वाले आदेश पर कोई टिका टिप्पणी नहीं थी. जो भी आदेशानुसार होता था उसे स्वीकार करते थे. वे अपने मेहनत और कार्य पर विशेष ध्यान देते थे. आदेश पक्ष में हो या उनके खिलाफ हो वह कभी इसका दोष किसी भी पीठासीन अधिकारी पर नहीं मढ़ते थे.

इस मौके पर सिविल जज सीनियर डिवीजन सर्वेश कुमार मिश्रा ने भी स्वर्गीय पांडेय जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके कार्यशैली की सराहना की. कहाकि उनके पदचिन्ह पर चलकर हम उनके सोच को आगे बढ़ा सकते हैं. इस मौके पर सिविल वर के पूर्व अध्यक्ष सुभाष चंद्र पांडेय, देवेंद्र कुमार दुबे, सिद्धनाथ राय, कुबेर पाण्डेय, कोषाध्यक्ष अवनीश यादव आदि मौजूद रहे. अध्यक्षता पाण्डेय गोविन्द ज़ी तथा संचालन अशोक कुमार ओझा ने किया.