महर्षि भृगु मंदिर कॉरिडोर का भूमिपूजन, गूंजा जयघोष
लंबे इंतजार के बाद महर्षि भृगु मंदिर कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में रविवार को बड़ा कदम उठाया गया। संत-महात्माओं की मौजूदगी और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कॉरिडोर का भूमिपूजन किया गया.
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लंबे इंतजार के बाद महर्षि भृगु मंदिर कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में रविवार को बड़ा कदम उठाया गया। संत-महात्माओं की मौजूदगी और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कॉरिडोर का भूमिपूजन किया गया.
भारतीय चिंतन में श्रद्धा विज्ञान का विषय रहा जिज्ञासा इसका मूल है। जानना और जानते रहना सदा की प्रकृति है, तर्क इसका आधार है और सिद्धि इसकी परिणति। राम कथा में स्त्री का चरित्र श्रद्धा को पुष्ट करता है। सती का शिव के समस्...
दृष्टिकोण में साम्य, भावनात्मक साम्य और व्यवहार में साम्य सम्भव नहीं है। विचारों में विविधता और हर विचार का आदर नये-नये विचारों का उदित होना, वैचारिक साम्य और असाम्य समर्थन या प्रतिरोध निरन्तर प्रक्रिया है। महान वैज्ञानि...
आज गांधी जी की पुण्यतिथि है। 30 जनवरी 1948 को महात्मा गाँधी के नाम से विश्वविख्यात मोहनदास करम चन्द गांधी की दिल्ली के बिड़ला भवन प्रार्थना स्थल पर हत्या कर दी गई। भारत के इतिहास का एक अध्याय शेष हो गया। इस अध्याय का आर...
इस वर्ष नई दिल्ली का गणतंत्र समारोह नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 126वें जन्म वर्ष से ही आरंभ हो रहा है। नेताजी को अपने गणतांत्रिक प्रारूप में याद करना अपने में ही एक बड़ी बात है। सुभाष बाबू का जीवन बहुत लंबा नहीं था। किंतु...
बहुत से विचारक, जब साम्यवाद की समीक्षा करते हैं तो यह पाते हैं यह लगभग पूरे विश्व में अपनी जड़े खो चुका है। किंतु आज भी हर शहर, संगठन में साम्यवाद की वकालत करने वाला कोई ना कोई मिल ही जाता है, तथा वह अपने मनगढ़ंत तथ्यों क...
गतांक से आगे...80 के दशक में देश की राजनीति में पृथकतावादी तत्व जड़ जमाने लगा। पूर्वी पाकिस्तान के बंगला देश में परिवर्तित हो जाने से भारत का स्थाई विरोधी पाकिस्तान का रुष्ट होना स्वभाविक था। अमेरिका को भारत की राजनीति म...
हम जानते हैं कि हमारी पृथ्वी सूर्य का एक चक्र 365-1/3 दिनों में पूरा करती है। नारँगी के आकार वाली इस पृथ्वी के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव के मध्य भूमध्य रेखा 0° (शून्म डिग्री) पर मानी जाती है। प्रति वर्ष 14 जुलाई को पृथ्वी...
महर्षि भृगु बलिया में साहित्य सृजन का इतिहास बहुत पुराना है। संस्कृत में पद्यकाव्य और गद्य काव्य दोनों ही यहाँ लिखे गये। यदि महर्षि बाल्मीकि का आश्रम बलिया में माना जाय तो यह कहना पड़ेगा कि संस्कृत का प्रथम महाकाव्य...
1893 ई. में संयुक्त राज्य अमेरिका के शिकागो नगर में आयोजित धर्म संसद में ईसाई धर्मावलंबियों की प्रभावशाली उपस्थिति के बीच भारतवासी गेरुआ वस्त्रधारी एक युवा सन्यासी का अपने कुछ मित्रों के साथ अचानक सम्मिलित होना एक चमत्का...
भारत का मूल चिंतन साम्यवादी है जिसमें इस बात की गुंजाइस भी है कि यदि साम्य असन्तुलित हो गया तो उसे सन्तुलित कर लेना चाहिए ताकि पुनः साम्य की स्थिति बन जाय। यदि मानवीय प्रयासों से असन्तुलन दूर होने की सम्भावना क्षीण हो जा...
यीशु का जन्म 25 दिसम्बर को यदि नहीं भी है तब भी यीशु जन्म मानवता के कल्याण के लिए हुआ था।जिनके विचारों में विश्व कल्याण छिपा हुआ है। भारतीय पुराणों की कथाओं और वर्तालापों की शैली में यीशु मसीह के प्रादुर्भाव से पूर्व...