सेल्स प्रमोशन कर्मचारी (सेवा की स्थिति) अधिनियम 1976 के तहत परिभाषित उद्योग में काम करने वाले देश के सभी सेल्स प्रमोशन कर्मचारी (दवा प्रतिनिधि) अपने आठ सूत्रीय मांगों के साथ 20 दिसंबर, 2023 को अखिल भारतीय हड़ताल के समर्थन में कामकाज ठप रखेंगे. ये बातें उप्र मेडिकल सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन के प्रांतीय ने कामरेड मनोज श्रीवास्तव ने कैंप कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही.
संगठन के सचिव आलोक मिश्र ने बताया कि सेल्स प्रमोशन कर्मचारी (सेवा की स्थिति) अधिनियम 1976 के तहत परिभाषित उद्योग में काम करने वाले देश के सभी सेल्स प्रमोशन कर्मचारी (दवा प्रतिनिधि) 8 सूत्रीय मांगों के साथ 20 दिसंबर, 2023 को देशव्यापी एक दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे। जिसमें पांच मांगे केंद्र सरकार से तथा 3 मांगे दवा कम्पनी के मालिकों से है। कहा कि केंद्र सरकार के इशारे पर दवा कंपनियों के निवेशक हमारा शोषण कर रहे हैं, हम लोगों के कम का समय अब तक नियत नहीं किया गया. सरकारी अस्पतालों में हम लोगों को रोका जा रहा हैं. जबकि चिकित्सा के हर क्षेत्र में अपने डॉक्टर्स से मिलने का अधिकार हमें एक्ट में दिया गया. सरकार दवा प्रतिनिधियों को रोक रही है जबकि दलालों का अनावश्यक प्रवेश हमेशा से खुली छूट रही है दवा कंपनियां के प्रतिनिधि चिकित्सकों के नए दावों की जानकारी देने के लिए जाते हैं जबकि दलाल मनमानी तरीके से मरीज का शोषण करने के लिए डॉक्टर के साथ लगे रहते हैं.
हमारी मांगे निम्नवत है….

यूपी एम एस आर ए के सचिव आलोक मिश्र ने बताया कि अपने संगठन के राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में हम लोग जिले में श्रमिकों के साथ नगर के टाउन हॉल बापू भवन से जुलूस निकालकर नगर के विभिन्न रास्तों पर भ्रमण करते हुए अपनी मांगों के संदर्भ में आवाज बुलंद करेंगे. इसके उपरांत कलेक्ट्रेट में पहुंचकर प्रदर्शन किया जाएगा. इस मौके पर विभिन्न श्रमिक संगठनों के कर्मचारी भी मौजूद रहेंगे.
केंद्र सरकार से ये हैं पांच मांग :
- बिक्री संवर्धन कर्मचारियों के लिए वैधानिक कार्य नियमावली बनाए।
- बिक्री संवर्धन कर्मचारी (सेवा की शर्तें) अधिनियम 1976 की रक्षा करें।
- सरकारी अस्पतालों, संस्थानों में दवा प्रतिनिधियों के प्रवेश पर सभी प्रतिबंध हटाएं और उनके काम करने के अधिकार को सुनिश्चित करें।
- दवा की कीमतें कम करते हुए दवा और चिकित्सा उपकरणों से जी०एस०टी० हटाया जाय।
- 5. डेटा गोपनीयता को सुरक्षित रखें।
नियोक्ताओं से तीन मांग :
- बिक्री के आधार पर दवा प्रतिनिधियों का उत्पीड़न बंद करें।
- ट्रैकिंग और सर्विलांस से गोपनीयता में दखल देना बंद करें ।
- कार्यस्थलों में निर्वाध प्रवेश सुनिश्चित करें।