बलिया। जनपद के प्रख्यात युवा संगीत शिक्षक अरविन्द कुमार उपाध्याय को भागलपुर के विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ द्वारा विद्या वाचस्पति की उपाधि दिये जाने पर उन्हें बधाई देने के उद्देश्य से एक गोष्ठी तिखमपुर के स्नेह पैलेश में आयोजित की गयी। जिसमें संगीत और कविता से जुड़े व्यक्तियों ने भागीदारी की।
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए अशोक ने कहा कि अरविंद प्रतिभाशाली संगीतज्ञ तो है ही, उनकी संगीत के प्रति समर्पण की भावना और प्रतिभाओं को खोज करके उन्हें प्रशिक्षित करने का संकल्प और भी अलंकरणों को आकर्षित करेंगे। मुख्य अतिथि डॉ० दयाला नन्द राय ने संगीत और गीत के क्षेत्र में श्री उपाध्याय के कार्यों में सराहना की। इस अवसर पर शशि प्रेमदेव ने मौसमी परिवेश में नवगीत और शिवजी पाण्डेय 'रसराज' ने नवागत बंधू के समाजिक सरोकार पर केन्द्रित कविता सुनाई। इस अवसर का गायकों ने भी भरपूर लाभ उठाया, जिनके गायन पर आनंद जी वर्मा और अनिल कुमार ने संगत की। उन्नति चौरसिया, साक्षी शुक्ला, श्याम कुमार वर्मा, गुलशन कुमार, जय प्रकाश यादव ने गीत गाये। कृतज्ञता ज्ञायपित करते हुए अरविन्द कुमार उपाध्याय ने कहा कि संगीत मेरा जीवन और जीविका बन चुका है जिसके लिए मैं पूर्ण मनोयोग के समर्पित हूँ तथा अपने शुभचिंतको के प्रति आभारी हूँ। गोष्ठी का संचालन अपनी कविता के साथ नवचन्द्र तिवारी ने किया। उल्लेखनीय है कि अरविन्द कुमार उपाध्याय स्थानीय टाउन महाविद्यालय में संगीत ( गायन) के प्रवक्ता है।