ठंड से जूझ रहे बच्चों के प्रति संवेदनहीनता देखकर हर कोई परेशान
बलिया। भीषण शीतलहर के साथ ही हाड़कंपाऊ ठंड अब शुरु हो चुकी है। अचानक बढ़े भीषण ठंड से एक तरफ लोग से परेशान है तो दूसरी ओर नगर पालिका प्रशासन की ओर से नगर के किसी भी सार्वजनिक स्थान पर अलाव जलाने की कोई व्यवस्था देखने को नहीं मिल रही है। ऐसे में गुरबत में जीवन काटने वाले लोग किसी तरह से अपने जीवन की नैया का पार लगाने की सोच में लगे हुए है। आलम यह है कि ठंड से जूझ रहे बच्चों के प्रति संवेदनहीनता देखकर हर कोई परेशान है।
नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कडाके की ठंड पड रही है। आलम यह है कि गलनभरी ठंड से आमजन जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। ठंड के चलते लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से गडबडा गयी है। एक जनवरी से ही मौसम का मिजाज खराब है, सुबह से ही भगवान भाष्कर आंख बंद करते हैं तो शाम तक धूप का दर्शन नहीं हो रहा है। शासन की ओर से ठंड को देखते हुए स्कूल बंद करने का फरमान जारी कर दिया है। बावजूद इसके बहुत से स्कूल संचालक अभी भी अपने-अपने विद्यालयों को खोले हुए हैं। स्कूल खुलने के चलते न चाहते हुए भी अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने को विवश है। वहीं नगर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर कहीं भी अलाव देखने को नहीं मिल रहा है। जिससे कि गुरबत में जीने वाले लोग किसी तरह से जीवन काट रहे हैं। आलम यह है कि न तो जिला प्रशासन न तो नगर पालिका प्रशासन के अफसर ही अपनी जिम्मेदारी दिखा रहे हैं। जबकि शासन की ओर से अलाव व कंबल के लिए आए लाखों रुपये सभी तहसीलों में भेज दिया गया है। ऐसे में वर्तमान समय में हर कोई ठंड और गलन से परेशान दिख रहा है।

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