
बलिया के जीराबस्ती क्षेत्र में तुला ब्रम्ह बाबा स्थान के पास बिजली का तार टूट कर पानी में गिरने के कारण उसके करेंट से दो बच्चियों (सगी बहनों) की मृत्यु हो गई। इस घटना को कैबिनेट मंत्री ए के शर्मा अत्यंत दुःखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें और परिजनों को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। इस प्रकरण में जूनियर इंजीनियर आशुतोष पांडेय तथा एसडीओ अनिल कुमार को निलंबित किया गया है।
कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही मैंने प्रबंध निदेशक पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम से बात किया और परिवार जनों को हर संभव मदद करने को कहा। लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने का निर्देश भी दिया। जूनियर इंजीनियर आशुतोष पांडे तथा एसडीओ अनिल कुमार को निलंबित किया गया है। साथ ही अधिशासी अभियंता नरेंद्र कुमार के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है।इसके साथ ही भविष्य में ऐसी घटना न हों इसके लिए सबको सख्त निर्देश दिए हैं।
बिजली तार गिरने से दो छात्राओं की मौत पर जिलाधिकारी ने की बड़ी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने संबंधित जेई एवं एसडीओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए निलंबन के दिए निर्देश
जिलाधिकारी ने मृत बच्चियों के पीड़ित परिजनों को पांच पांच लाख मुआवजा दिए जाने के दिए निर्देश
बलिया। जिले के सुखपुरा थाना क्षेत्र के जीरा बस्ती गांव में हाई टेंशन तार गिरने से दो सगी बहनों की करंट की चपेट में आने पर दर्दनाक मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, दोनों छात्राएं धरहरा स्थित सेंट जेवियर स्कूल से पढ़ाई पूरी करके घर लौट रही थीं। तभी गांव के सड़क पर जल जमाव के कारण गिरे हुए हाई टेंशन तार की चपेट में आ गईं, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह जिला चिकित्सालय जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने इस हादसे को बेहद दुखद बताया और कहा कि इस प्रकार की घटनाएं कभी नहीं होनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने इस मामले को संज्ञान लेते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बिजली विभाग के एक्सियन नरेंद्र ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम सदर ने विद्युत आपूर्ति को तुरंत बंद करा दिया। साथ ही स्थानीय लाइनमैन और अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर जांच की। जांच के दौरान एक टूटा हुआ तार पाया गया। हालांकि, जब स्थानीय लोगों से बात की गई तो किसी ने तार बदलने की शिकायत नहीं की।
जिलाधिकारी ने बिजली विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए संबंधित जेई (जूनियर इंजीनियर) और एसडीओ (सुपरवाइज़िंग डिवीजन ऑफिसर) के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने एवं उनके निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, मृतक छात्राओं के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपए की सहायता राशि देने के आदेश भी दिए।