बलिया : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को बिजली बिल से निजात दिलाने के लिए PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana की घोषणा की। इस योजना का लक्ष्य 1 करोड़ लोगों के घरों मे रुफ टॉप सोलर पैनल लगाकर उनके बिजली बिल पर होने वाले खर्चे को कम या बिल्कुल ज़ीरो कर देना है।
लेकिन जिले के विद्युत महकमे के अफसरों एवं कर्मचारियों के शिथिलता से इस योजना का पलीता लग रहा हैं। आलम यह है कि तय मानक के विपरीत उपभोक्ताओ को गलत बिजली बिल पकड़ाया जा रहा है। ऐसे में रुफ टॉप सोलर लगाने वाले उपभोक्ता अपना माथा पीट रहे है कि अगर रुफ टॉप सोलर पैनल लगाने और ग्रिड में अपने टोटल खपत से ज्यादा का उत्पादन देने के बाद भी बिजली का पूरा बिल भेजा जा रहा है तो ऐसे स्कीम का क्या फायदा।
विभागीय अफसरों से शिकायत करने के बाद भी विद्युत महकमे के कर्मचारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। कर्मचारियों को नेट मीटर के बिल को कैसे सुधारना है यह भी नही पता। जिले के विद्युत महकमे के अफसरों एवं कर्मचारियों को गलत बिल को कैसे सही किया जाये इसकी ट्रेनिग लेने को भी तैयार होते नही दिखाई दे रहे। अब यक्ष प्रश्न "उपभोक्ता के नेट मीटर के बिल कब तक गलत मिलते रहेंगे और जिस उपभोक्ता का पिछले कई महीनों से गलत बिल बन कर आ रहा है उनको कब तक सुधारा जाएगा" का उत्तर कौन देगा?

पूर्वांचल के जनपदों में बिजली बिल से मुक्ति पाने के लिए करीब 20 फीसदी विद्युत उपभोक्ताओं ने PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के तहत सोलर पैनल लगवा भी लिया। लेकिन बिजली उपयोग और सौर ऊर्जा से तैयार बिजली बिल में कटौती न करके उल्टा सीधा बिजली भेज कर केंद्र सरकार कि योजना का बिभागीय अफसरों ने मज़ाक बनाकर रख दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी साल फरवरी 2024 में PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana को लॉन्च किया था. इस योजना के तहत 300 यूनिट तक फ्री बिजली मिलती है और साथ ही सरकार की ओर से अपने घर की छत पर सोलर रूफटॉप लगवाने के लिए सब्सिडी भी दी जाती है। ये सरकारी स्कीम खासी लोकप्रिय हो रही है और उत्तर प्रदेश में तो इसके सब्सक्राइबर्स की तादाद में लगातार इजाफा हो रहा है।
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