सूत्रों का दावा: अखिलेश से की मुलाकात कर थाम चुके हैं स्पा का दामन

लखनऊ। कुशीनगर जिले के पडरौना से भाजपा विधायक व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने योगी आदित्यनाथ कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है। मंगलवार को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद स्वामी प्रसाद मौर्या ने कैबिनेट मंत्री के पद से इस्तीफा दिया। स्वामी प्रसाद मौर्या प्रदेश सरकार में श्रम तथा सेवायोजन मंत्री थे। उनकी बेटी संघप्रिया भारतीय जनता पार्टी से बदायूं से सांसद हैं, जबकि इनके बेटे उत्कृष्ट मौर्या को भाजपा ने 2017 के विधानसभा चुनाव में रायबरेली के ऊंचाहार से चुनाव लड़वाया था। सूत्रों की माने तो स्वामी प्रसाद ने अखिलेश यादव से मिलकर सदस्यता भी ग्रहण कर चुके हैं।

राज्यपाल को प्रेषित इस्तीफा में स्वामी प्रसाद ने लिखा है कि 'माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के मंत्रिमंडल में श्रम एवं सेवायोजन व समन्वय मंत्री के रूप में विपरीत परिस्थितियों व विचारधारा में रहकर भी बहुत ही मनोयोग के साथ उत्तरदायित्व का निर्वहन किया है। किंतु दलितों, पिछड़ों, किसानों बेरोजगार नौजवानों एवं छोटे-लघु एवं मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की घोर उपेक्षात्मक रवैये के कारण उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल से मैं इस्तीफा देता हूं। स्वामी प्रसाद मौर्या के भाजपा सरकार से इस्तीफा के बाद सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात को लेकर सियासी हलचल मची हुई है। लोग अपने अपने तरीके से इसे परोस रहे है। लोगों की माने तो उनके  समाजवादी पार्टी में शामिल होने की संभावना है। उनका दावा है कि उनके साथ भाजपा के कई बड़े पिछड़े नेता भी समाजवादी पार्टी में शामिल होंगे।