विधि संवाददाता

बलिया : लगभग पांच साल पूर्व के दर्ज गैंगेस्टर एक्ट के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या तीन गैंगेस्टर कोर्ट नीलम ढांका की न्यायालय में आरोपी सुभाष ने नोनिया छपरा सुखपुरा एवं मनोज बनवासी मुजही पकड़ी को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है और पांच-पांच हजार रूपये जुर्माने से दंडित की है। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त पंद्रह दिनों का कारावास भुगतना होगा।


अभियोजन के मुताबिक तत्कालीन थानाध्यक्ष फेफना 23 जुलाई 2020 को दोषी का देखभाल व गश्त में जा रहे थे कि स्थानीय थाने के अभिलेखानुसार ज्ञात हुआ था कि अपराधियों का एक संगठित गिरोह चलता है। जिसका गैंग लीडर छट्ठू बनवासी है तथा अन्य सदस्यों सुभाष, मनोज के साथ मिलकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते है और उससे आर्थिक लाभ प्राप्त करते है जो समाज के लिए काफी घातक है। इस मामले में अभियोजन की ओर से अजय कुमार तिवारी विशेष अभियोजक तथा बचाव पक्ष ने अपना तर्क प्रस्तुत किया।


त्रिभुवन नाथ यादव एडवोकेट