ना खाता, ना बही, जो नपा प्रशासन कहे उहे सही...

बलिया. नगर पालिका प्रशासन के किराया बढ़ोत्तरी के नए फरमान से हर कोई परेशान है. नगरपालिका प्रशासन के तरफ से जो नया किराया लेने की नोटिस जारी की गयी उसे विभागीय दिवालियापन ही माना जा रहा है. लोग कह रहे हैं खाता ना भी जो नपा प्रशासन के कर अधीक्षक जो भी लिख दिए वही है सही.नगर पालिका बलिया ने अपने दुकानदारों के किराया में किया बेहिसाब वृद्धि,न जमा करने पर वसूली की कार्यवाही करने की नोटिस अपने किराएदारों को थमा दिया है. अब देखना यह है कि अच्छे दिन के नाम वोट पाने वाले चेयरमैन लोगों को कैसे मदद कर रहे है.

लोगों की माने तो बिना कोई पूर्व सूचना के नगरपालिका प्रशासन बलिया ने नगरपालिका द्वारा आवंटित दुकानों का किराया 446 रुपए प्रति माह से बढ़ाकर 9975 किया गया. जबकि किराया सन 2018 में रिवाइज किया गया था , किराया किस औसत पर बढ़ाया गया है या मानक क्या है समझ से परे है. लोग इस दस गुने से अधिक किराया अचनाक बढ़ाने के फरमान को नगरपालिका प्रशासन व नपा चेयरमैन की मनमानी व तानाशाही से जोड़कर देख रहे है. नगर के व्यापारियों में इसके लिए आक्रोश व्याप्त है. आलम यह है कि नगरपालिका के चेयरमैन और प्रशासन पर हर कोई खफा है. हालांकि आए दिन ऐसे मनमाना निर्णय से सरकार की छवि धूमिल हो रही है.

लोगों का आरोप है कि जब से मौजूदा चेयरमैन ने अपना पद ग्रहण किया है तब से मनमाना रवैया अपनाया जा रहा है. बिना कोई नोटिस या सूचना के बकाया की राशि को दुकान दुकान भेजा जा रहा है और नोटिस देकर 15 दिन का समय दिया गया है. जमा न करने पर कार्रवाई की धमकी भी दी जा रही है. जबकि किराया निर्धारित करने का पहले से क़ानून भी बनाया गया है. तो क्या नगर पालिका के चेयरमैन और नपा प्रशासन के ऊपर देश का कोई क़ानून नहीं है. इस नए फरमान से मीना बाजार, जनता मार्केट, इंदिरा मार्केट, हॉस्पिटल रोड , रामलीला मैदान, गांधी मार्केट और अन्य मार्केट भी प्रभावित होंगे. हालांकि इस मामले कई लोगों ने नगर पालिका प्रशासन को नोटिस भेज कर कोर्ट में घसीटने की तैयारियां कर लिया है.