जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव नारद ने सारथी बनकर दिलाई थी जीत

बलिया। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिये बीते चुनाव के दौरान पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी के पुत्र आनंद चौधरी के चुनाव के समय सारथी बनकर पूर्व मंत्री नारद राय ने जिला पंचायत सदस्यों को एक वाहन में बैठाकर जिला पंचायत के चुनाव स्थल तक पहुंचाया था। उस चुनाव में अंबिका चौधरी के पुत्र आनंद को जीत मिली थी। उसी जीत का बदला चुकाते हुए पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी भी नारद राय के नामांकन के समय सारथी बनकर उनके वाहन को नामांकन स्थल तक पहुंचाया। अब देखना यह है कि अंबिका चौधरी का सारथी बनना नारद राय के लिए कितना फायदेमंद साबित होता है।
गुरुवार को करीब हजारों की संख्या में एक जनसैलाब लेकर नामांकन करने पहुंचे पूर्व मंत्री नारद राय का सारथी बने अंबिका चौधरी को देखकर हर कोई हतप्रभ रहा। आलम यह रहा की लोग यह सोचने पर विवश हो गए कि आखिर क्यों अंबिका चौधरी ही पूर्व मंत्री नारद राय के वाहन के सारथी बने? वैसे लोगों का यह भी कहना था कि अंबिका चौधरी के पुत्र आनंद चौधरी के जिला पंचायत अध्यक्ष बनने में जो योगदान पूर्व मंत्री नारद राय ने वाहन का सारथी बनकर दिया था। उसी के चलते आज अंबिका चौधरी ने भी नारद के नामांकन के समय सारथी बनकर अपना फर्ज अदा किया है। इस मौके पर हजारों की संख्या में चित्तू पांडेय चौराहा से लेकर कलेक्ट्रेट परिसर के गेट तक सपा कार्यकर्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। देखने से ऐसा लग रहा था मानो नारद राय चुनाव का नामांकन करने नहीं बल्कि कोई जनसभा करने जा रहे हैं। उनके साथ में बंशीधर यादव, सुशील पांडेय कान्हजी, मृत्युंजय तिवारी बब्लू व सुभासपा के नगर अध्यक्ष रहे।
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