Ballia : अपनी कार्यशैली के बदौलत पहले से ही विवादों में घिरी सिकंदरपुर की पुलिस अब बुद्धिजीवी पत्रकारों से दबंगई पर उतर आई है। पत्रकारों को समाचार कवरेज से रोके जाने की बात सामने आने पर डीआईजी वैभव कृष्ण ने कड़ी आपत्ति जताई। कहा कि पुलिस की ऐसी हरकत हर हाल में अक्षम्य है। सूचना संग्रह से किसी पत्रकार को रोकना या उसमें अवरोध पैदा करना पुलिसिंग नहीं है। ऐसा व्यवहार करने वाले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उधर, क्षेत्राधिकारी की मौजूदगी में थानाध्यक्ष और एसआई द्वारा रोक टोक करने से पत्रकारों में काफी नाराजगी है। 

जानिए क्या है मामला


बीते दिनों घाघरा के दियारे में मिले नर कंकाल मामले में पुलिस एक सप्ताह बाद भी मुख्य आरोपित तक नहीं पहुंच पाई है। भले ही एफआईआर में नामजद बनाए गए मुख्य आरोपित की मां नैन देवी और बहन प्रियंका के अलावा राकेश राय (निवासीगण भांटी, सिकन्दरपुर) को छह दिन थाने में बैठाने के बाद शुक्रवार को चालान कर दिया। इसकी जानकारी होते ही पत्रकार समाचार संकलन के बाबत थाने पहुंच गए.

इसकी जानकारी होते ही मौके पर मौजूद एसआई धर्मवीर यादव और चौकी इंचार्ज मालदह शिवमूर्ति तिवारी उग्र हो गए और थानेदार दिनेश पाठक के आदेश का हवाला देते हुए थाने परिसर में घुसने से रोक दिया। हद तो यह थी कि मौके पर मौजूद सीओ आशीष मिश्र ने इस मामले में चुप्पी साध ली। उधर मामला संज्ञान में आने के बाद आमलोगों में भी काफी आक्रोश है। 

पुलिस की कार्यप्रणाली पर किसने क्या कहा

मामला घोर निंदनीय है। यह पुलिस प्रशासन द्वारा सरकार को बदनाम करने की साजिश है। मामला उच्चाधिकारियों को अवगत कराने के साथ ही मुख्यमंत्री के समक्ष भी उठाया जायेगा।       
पूर्व विधायक/भाजपा नेता भगवान पाठक।
पुलिस ने अनुच्छेद 19(1)(ए) का उल्लंघन किया है। इसकी जांच कर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
ओम प्रकाश यादव, अधिवक्ता, उच्च न्यायालय इलाहाबाद।
हत्या, अपहरण सहित शराब और गांजा के अवैध कारोबार पर रोक लगाने में अक्षम साबित हो चुकी स्थानीय पुलिस अब पत्रकारों की आवाज दबाने पर आमादा हो चुकी है। यह मामला लोकसभा में उठाऊंगा।
रमाशंकर विद्यार्थी, सांसद सलेमपुर।
मामले की शिकायत मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक से कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करूंगा।
राजेन्द्र कुमार सिंह उर्फ मांधाता सिंह, पूर्व सदस्य, किशोर न्यायालय बोर्ड बलिया।