
बलिया : टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले के प्रसिद्ध बालेश्वर मंदिर में एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के दौरान मुख्य रूप से मंदिर के पुजारियों, मधुमेह रोगियों, तंबाकू उपयोगकर्ताओं और 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के एक्स-रे किया गया। इस दौरान एन टी इ पी से जुड़े अधिकारीगण ने टीबी के बारे में विस्तार से जानकारी साझा किया।

बता दें कि 24 मार्च 2026 से शुरू होकर, भारत सरकार द्वारा "100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान" के तहत देश भर के 347 जिलों में निक्षय आरोग्य शिविर लगाकर टीबी मरीजों की सक्रिय खोज (Active Case Finding) की जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य टीबी के लापता मामलों को खोजना, शीघ्र निदान और उपचार सुनिश्चित करना है।

100 दिवसीय टीबी आरोग्य शिविर की मुख्य विशेषताएं:
उद्देश्य: 100 दिनों के भीतर उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में टीबी के मरीजों का पता लगाना और उनका तुरंत इलाज शुरू करना।
जांच प्रक्रिया: AI-आधारित हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनों और अन्य आधुनिक उपकरणों से टीबी के संभावित मरीजों (जैसे- लगातार खांसी, बुखार, वजन में कमी) की जांच की जा रही है।
शिविर स्थान: आयुष्मान आरोग्य मंदिर (पूर्व में उप-स्वास्थ्य केंद्र), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), और उच्च जोखिम वाले ग्रामीण/शहरी इलाकों में शिविर लगाए जा रहे हैं।
नि:शुल्क सेवाएं: शिविर में टीबी की जांच (बलगम), एक्स-रे के साथ ही एचआईवी, मधुमेह, और ब्लड प्रेशर की भी मुफ्त जांच की जा रही है।
सहयोग: इन शिविरों के माध्यम से टीबी मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत पौष्टिक आहार किट का वितरण भी किया जा रहा है।
परिणाम: इस अभियान के माध्यम से अब तक हज़ारों लोगों की स्क्रीनिंग की गई है और नए टीबी रोगियों को चिन्हांकित कर इलाज शुरू किया गया है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक आशीष सिंह व पीपीएम अनुराग पाण्डेय ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह 100 दिवसीय सघन अभियान राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य आगामी 2027 तक भारत को टीबी मुक्त बनाना है।